पहली बार ऑर्बिट में पहुंचा सबसे ताकतवर रॉकेट स्टारशिप, 26 सैटेलाइट किए लॉन्च; पृथ्वी पर कब लौटेगा?
एलन मस्क की कंपनी SpaceX का स्टारशिप मेगा-रॉकेट पहली बार पृथ्वी की कक्षा में सफलतापूर्वक पहुंचा, जो कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

पहली बार ऑर्बिट में पहुंचा सबसे ताकतवर रॉकेट स्टारशिप। (रॉयटर्स)
HighLights
स्टारशिप रॉकेट पहली बार पृथ्वी की कक्षा में पहुंचा।
मिशन में 26 नए स्टारलिंक सैटेलाइट लॉन्च किए गए।
यह SpaceX के भविष्य के चंद्रमा मिशनों की कुंजी है।
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। एलन मस्क की कंपनी SpaceX का स्टारशिप मेगा-रॉकेट सोमवार को पहली बार पृथ्वी की कक्षा (ऑर्बिट) में पहुंचा। यह इस समय स्पेस कंपनी के स्पेसक्राफ्ट प्लान के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
407 फीट लंबा यह रॉकेट दक्षिणी टेक्सस में SpaceX के लॉन्ट साइट से उड़ा और अपनी हालिया टेस्ट फ्लाइट के दौरान कक्षा में पहुंच गया।
इस मिशन का मकसद स्टारशिप को लगभग 10 घंटों में पृथ्वी के छह चक्कर लगवाना था। यह लगभग 170 मील यानी 275 किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ने वाला था और अंत में चिली के पास प्रशांत महासागर में उतरने वाला था।
स्टारशिप, SpaceX का सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली रॉकेट
स्टारशिप, जिसे SpaceX का अब तक का सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली रॉकेट बताता है, अपने साथ कंपनी के 26 नए स्टारलिंक सैटेलाइट भी ले जा रहा था।
इन सैटेलाइट्स को कक्षा में स्थापित किया जाना था ताकि वे पहले से इंटरनेट सेवाएं दे रहे 11,000 से अधिक स्टारलिंक सैटेलाइट के साथ जुड़ सकें। बिना क्रू वाला यह 40 मंजिला वाहन सुपर हेवी बूस्टर और उसके ऊपर लगे स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट से बना है। इसने गल्फ ऑफ अमेरिका के पास ब्राउनविले के नजदीक लॉन्च साइट से सुबह लगभग 7.46 बजे उड़ान भरी थी।
उम्मीद थी कि स्टारशिप लगभग 10 घंटे की उड़ान के दौरान पृथ्वी के 6 चक्कर लगाएगा और फिर चिली के पश्चिम में प्रशांत महासागर में उतरेगा।
रॉकेट के लिए कक्षा तक पहुंचना एक अहम उपलब्धि
अंतरिक्ष में पेलोड ले जाने के लिए बनाए गए किसी भी रॉकेट के लिए कक्षा तक पहुंचना एक अहम उपलब्धि होती है। कई सालों के डेवलपमेंट के बावजूद स्टारशिप अभी तक यह कारनामा नहीं कर पाया था।
SpaceX के CEO एलन मस्क ने पहले अनुमान लगाया था कि स्पेसक्राफ्ट 2022 में कक्षा में पहुंच जाएगा और उसके बाद 2023 में सैटेलाइट्स को तैनात किया जाएगा।
रिपोर्ट में दिए गए अनुमानों के अनुसार, लगभग एक दशक के डेवलपमेंट और 15 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च होने के बावजूद, 2023 से अब तक स्टारशिप की सभी 13 पिछली टेस्ट फ्लाइट्स सब-ऑर्बिटल ही रही हैं।
SpaceX की योजना स्टारशिप का इस्तेमाल करके ज्यादा फ्रीक्वेंसी पर स्टारलिंक सैटेलाइट्स लॉन्च करने और भविष्य में NASA के मून मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्रियों और कार्गो को ले जाने की है। मस्क ने यह भी कहा है कि वह चाहते हैं कि SpaceX भविष्य में हर साल सैकड़ों या हजारों स्टारशिप लॉन्च करे, ऑपरेशन का यह पैमाना स्पेस इंडस्ट्री में अभूतपूर्व होगा।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
