अमेरिका की सबसे तेज अंतरिक्ष उड़ान, महज 8 घंटे में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचे 4 अंतरिक्षयात्री
स्पेसएक्स के क्रू-13 मिशन के तहत चार अंतरिक्षयात्री महज आठ घंटे में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पहुंच गए, जो अमेरिका की सबसे तेज अंतरिक्ष उड़ान है।

8 घंटे में ISS पहुंचे अंतरिक्षयात्री (फोटो- Space X)
HighLights
स्पेसएक्स क्रू-13 मिशन ने 8 घंटे में ISS पहुंचाया।
अमेरिका की अब तक की सबसे तेज अंतरिक्ष उड़ान।
जेसिका वाटकिंस ने पहली अश्वेत महिला कमांडर के रूप में नेतृत्व किया।
डिजिटल डेस्क, केप केनावेरल। स्पेसएक्स के क्रू-13 मिशन के तहत चार अंतरिक्षयात्री गुरुवार को केवल आठ घंटे में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पहुंच गए। यह अमेरिका की अब तक की सबसे तेज अंतरिक्ष उड़ान है।
स्पेसएक्स के मुताबिक, लांच के समय अंतरिक्ष स्टेशन की स्थिति अनुकूल होने के कारण इतना तेज सफर संभव हुआ। अंतरिक्षयात्री छह महीने के मिशन के दौरान आईएसएस पर कई वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे।
अंतरिक्षयात्री यह पता लगाने के लिए शोध भी करेंगे कि अंतरिक्ष में रहने से मानव शरीर और स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है। मिशन की कमांडर जेसिका वाटकिंस हैं। भू-विज्ञानी वाटकिंस आर्बिट तक क्रू का नेतृत्व करने वाली पहली अश्वेत महिला हैं। वह पहले भी अंतरिक्ष स्टेशन पर रह चुकी हैं।
मिशन के अन्य अंतरिक्षयात्रियों में अमेरिकी अंतरिक्षयात्री पूर्व मरीन ल्यूक डेलाने, कनाडा के अंतरिक्षयात्री और रायल कैनेडियन एयर फोर्स के कर्नल जोशुआ कुट्रिक और रूस के अंतरिक्षयात्री पूर्व पनडुब्बी चालक सर्गेई टेटेर्यातनिकोव शामिल हैं।
इस मिशन की सबसे खास बातों में से एक है कि जोशुआ कुट्रिक की पत्नी नवंबर के अंत में बच्चे को जन्म देने वाली हैं। यह स्पेसएक्स की ओर से नासा के लिए भेजा गया 13वां क्रू था।
अपोलो-13 मिशन को सम्मान देने के लिए दल ने 13 नंबर को लेकर खास अंदाज अपनाया। 1970 के उस मुश्किल चंद्र मिशन अपोलो-13 का अंत अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित वापसी के साथ हुआ था।
वाटकिंस और उनकी टीम लांच पैड तक काली टेस्ला कारों में गईं, जिन पर लकी 13 लिखी नंबर प्लेट्स लगी थीं। (समाचार एजेंसी एपी के इनपुट के साथ)
