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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अंतरिक्ष के मैदान से भी लड़े जाएंगे युद्ध, सेटेलाइट होंगे हथियार

By Agency Edited By: Piyush Kumar
Published: Mon, 18 Aug 2025 11:30 PM (IST)

21वीं सदी में युद्ध अब साइबरस्पेस और अंतरिक्ष में भी लड़े जा रहे हैं। रूस ने यूक्रेन के खिलाफ मनोवैज्ञानिक ...और पढ़ें

भविष्य में सेटेलाइट के सुरक्षा सॉफ्टवेयर को निशाना बनाया जा सकता है।(फोटो सोर्स: SPACE)
भविष्य में सेटेलाइट के सुरक्षा सॉफ्टवेयर को निशाना बनाया जा सकता है।(फोटो सोर्स: SPACE)

एपी, वॉशिंगटन। 21वीं सदी में युद्ध केवल भूमि, समुद्र और वायुसेना के साथ ही नहीं, बल्कि साइबरस्पेस और अंतरिक्ष में भी लड़े जाएंगे। बिना एक भी गोली चलाए केवल सेटेलाइट को निष्क्रिय कर भी दुश्मन पर कहर बरपाया जा सकता है। सेटेलाइट के सुरक्षा सॉफ्टवेयर को निशाना बनाकर या पृथ्वी से संकेत भेजने या प्राप्त करने की उसकी क्षमता बाधित कर दुश्मनों को घुटने टेकने पर मजबूर किया जा सकता है।

इसी वर्ष रूस ने सेटेलाइट का इस्तेमाल कर यूक्रेन के खिलाफ मनोवैज्ञानिक युद्ध भी लड़ा। दरअसल रूस ने इस वर्ष जब अपने विजय दिवस परेड का आयोजन किया, तब क्रेमलिन समर्थक हैकरों ने उस सेटेलाइट को हाइजैक कर लिया जिसकी मदद से यूक्रेन में लोगों को टेलीविजन सेवा मिलती है।

सेटेलाइट हाइजैक होने के कारण यूक्रेन में सामान्य कार्यक्रम के बजाय यूक्रेन के दर्शकों को मास्को से प्रसारित परेड फुटेज देखनी पड़ी। यूक्रेन के लोगों को रूसी टैंकों, सैनिकों और हथियारों की ताकत को इसलिए दिखाया गया ताकि वे खौफजदा हो जाएं और रूस को मनोवैज्ञानिक बढ़त मिल सके। यह इस बात का उदाहरण भी था कि 21वीं सदी का युद्ध भूमि, समुद्र और वायु में नहीं, बल्कि साइबरस्पेस और अंतरिक्ष में भी लड़ा जा रहा है।

12 हजार से अधिक सक्रिय सेटेलाइट पृथ्वी की कक्षा में हैं, जो न केवल संचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि सैन्य संचालन, जीपीएस जैसे नेविगेशन सिस्टम, खुफिया संग्रह और आर्थिक आपूर्ति श्रृंखलाओं में भी महत्वपूर्ण हैं। ये निकटवर्ती मिसाइलों की चेतावनी देने के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। हैकर्स आमतौर पर उस साफ्टवेयर या हार्डवेयर में सबसे कमजोर कड़ी की तलाश करते हैं जो सेटेलाइट का समर्थन करता है या पृथ्वी के साथ इसके संचार को नियंत्रित करता है।

सेटेलाइट अगर पुराने साफ्टवेयर पर चल रहा है, तो इसे आसानी से निशाना बनाया जा सकता है। जब रूसी सेना ने 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण किया, तो किसी ने यूक्रेन की सरकार और सेना द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली अमेरिकी उपग्रह कंपनी, वायसैट को निशाना बनाया। मालवेयर का इस्तेमाल करके हजारों माडेम को निशाना बनाया गया, जिससे यूरोप के बड़े हिस्से में आउटेज हुआ। इस है¨कग के लिए कीव ने मास्को को जिम्मेदार ठहराया।

परमाणु, अंतरिक्ष-आधारित हथियार विकसित कर रहा रूस

राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि रूस परमाणु, अंतरिक्ष-आधारित हथियार विकसित कर रहा है जो पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थित लगभग सभी उपग्रहों को एक साथ नष्ट कर देगा। अमेरिकी राजनेता माइक टर्नर ने कहा कि ऐसा हथियार पृथ्वी की निचली कक्षा को उपग्रहों के लिए एक वर्ष तक अनुपयोगी बना सकता है। यदि इसका उपयोग किया गया, तो इसके प्रभाव विनाशकारी होंगे।

अमेरिका और उसके सहयोगियों को आर्थिक उथल-पुथल का सामना करना पड़ सकता है। रूस और चीन को भी सेटेलाइट का नुकसान हो सकता है, , हालांकि माना जाता है कि वे अमेरिका की तरह के उपग्रहों पर कम निर्भर हैं। टर्नर ने इस हथियार की तुलना स्पुतनिक से की, जो 1957 में अंतरिक्ष युग की शुरुआत करने वाला रूसी उपग्रह था। टर्नर ने कहा, यदि यह एंटी-सेटेलाइट परमाणु हथियार को कभी भी अंतरिक्ष में ले जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

चांद पर पाए जाने वाले मूल्यवान खनिजों के लिए भी हो सकता है संघर्ष

चांद और क्षुद्रग्रहों पर पाए जाने वाले मूल्यवान खनिज और अन्य सामग्री भविष्य के संघर्षों का कारण बन सकती हैं। नासा के अंतरिम प्रशासक शान डफी ने इस महीने चांद पर एक छोटे परमाणु रिएक्टर भेजने की योजना की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि यह महत्वपूर्ण है कि अमेरिका यह पहल चीन या रूस से पहले करे।

उन्होंने कहा था, हम चीन के साथ चांद की ओर दौड़ में हैं। चांद पर आधार स्थापित करने के लिए हमें ऊर्जा और चांद पर कुछ प्रमुख स्थानों की आवश्यकता है। हम पहले वहां पहुंचकर अमेरिका के लिए दावा करना चाहते हैं। चांद हीलियम 3 में समृद्ध है। विज्ञानियों का मानना है कि इसका उपयोग परमाणु संलयन में विशाल मात्रा में ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए किया जा सकता है। लंदन स्थित साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ जोसेफ रूक के अनुसार चांद पर नियंत्रण यह निर्धारित कर सकता है कि कौन से देश सुपरपावर के रूप में उभरते हैं।