वाशिंगटन [प्रेट्र]। जलवायु परिवर्तन की वजह से समुद्र के जल स्तर में थोड़ी सी वृद्धि भी दुनिया पर सुनामी से होने वाली तबाही का खतरा बढ़ा सकती है। यह चेतावनी एक अध्ययन के बाद दी गई है। इसमें बताया गया है कि तटीय शहरों में समुद्र का जल स्तर बढ़ने के खतरे के बारे में सभी को जानकारी है, लेकिन इस नए अध्ययन से पता चला है कि भूंकप के बाद आई सुनामी से तटीय शहरों के अलावा दूर-दूराज में बसे शहरों और रिहायशी इलाकों को भी खतरा पैदा हो सकता है।

उदाहरण के लिए 2011 के बाद तोहोकु ओकी में भूकंप के बाद आई सुनामी से उत्तरी जापान का हिस्सा तबाह हो गया था और इससे एक परमाणु संयंत्र को भी भयानक क्षति पहुंची थी, जिससे रेडियोएक्टिव प्रदूषण भी हुआ। अमेरिका स्थित वर्जीनिया टेक में एसोसिएट प्रोफेसर रॉबर्ट वेस ने कहा, हमारा अध्ययन बताता है कि समुद्र का जल स्तर बढ़ने से सुनामी के खतरे काफी बढ़ गए हैं। इसका मतलब है कि भविष्य में छोटी सुनामी का भी बड़ा भयानक प्रभाव हो सकता है।

इस तरह से किया अध्ययन

साइंस एडवांसेस नामक जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, समुद्र का जल स्तर बढ़ने से पूरी दुनिया में सुनामी का खतरा बढ़ेगा। इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने चीन के मकाउ में मौजूदा जल स्तर पर कंप्यूटर से कृत्रिम सुनामी बनाई और इससे जल स्तर में 1.5 से तीन फुट तक की वृद्धि हुई। दक्षिणी चीन में बसा मकाउ अत्यधिक जनघनत्व वाला तटीय क्षेत्र है, जो सामान्यत: सुनामी के खतरे से सुरक्षित है।

यह आया सामने

अध्ययन में सामने आया कि मौजूदा समुद्र के जल स्तर में 8.8 तीव्रता के भूकंप से मकाउ डूब सकता है, लेकिन कृत्रिम जल स्तर में वृद्धि के कारण आए नतीजों ने टीम को हैरान कर दिया। 1.5 फुट की वृद्धि से सुनामी का खतरा 1.2 से 2.4 बार बढ़ गया, जबकि तीन फुट वृद्धि से 1.5 से 4.7 बार बढ़ा। 

Posted By: Sanjay Pokhriyal

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