वाशिंगटन, न्यूयॉर्क टाइम्स। शोधकर्ताओं ने कोरोना वायरस के खिलाफ उपयोगिता परखने के लिए 69 दवाओं और प्रायोगिक कंपाउंड की पहचान की है। संभावना जताई जा रही है कि ये दवाएं इस खतरनाक वायरस के उपचार में प्रभावी हो सकती हैं। अमेरिकी शोधकर्ताओं ने बताया कि दूसरे कई रोगों के उपचार में इनमें से कुछ दवाओं का पहले से उपयोग किया जा रहा है। एक नए एंटी-वायरल से उपचार के प्रयास की अपेक्षा ये दवाएं कोरोना का ज्यादा जल्दी इलाज कर सकती हैं।

बायोरेक्सिव वेबसाइट पर प्रकाशित एक अध्ययन में संभावित दवाओं की सूची भी शामिल की गई है। शोधकर्ताओं ने कोरोना वायरस के जीन के अध्ययन के आधार पर दवाओं की सूची तैयार की है। उन्होंने वायरस के 29 जीन में से 26 को परखा। ये जीन सीधे वायरल प्रोटीन की उत्पत्ति करते हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि कोरोना वायरस 332 मानव प्रोटीन को निशाना बनाता है।

शोधकर्ता ऐसी दवाओं की तलाश में जुटे हैं, जो मावन प्रोटीन पर अंकुश भी लगा सके क्योंकि कोरोना वायरस को मानव प्रोटीन में दाखिल होने की जरूरत पड़ती है। इससे वह मानव कोशिकाओं में अपनी प्रतिकृति तैयार करता है। शोधकर्ताओं की टीम ने इस काम के लिए अमेरिकी फूड एवं ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से स्वीकृत 24 दवाओं की पहचान की है। इनमें से कुछ दवाएं कैंसर, पार्किंसन और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों के इलाज में भी काम आती हैं। संभावित दवाओं की सूची में कुछ एंटीबायोटिक्स भी हैं।

Posted By: Krishna Bihari Singh

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस