जेनेवा, पीटीआइ। सर्दी-जुकाम जैसी परेशानी पैदा करने वाले कोरोना वायरस के खिलाफ जिन लोगों की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, उनमें कोविड-19 से लड़ने की ताकत अधिक हो जाती है। शोधकर्ताओं ने यह दावा नेचर कम्युनिकेशन नामक पत्रिका में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन में किया है। शोधकर्ताओं ने सार्स सीओवी-2 के प्रकाश में आने से पहले चार अन्य मानव कोरोना वायरस के विश्लेषण के लिए 825 नमूने लिए थे। बाद में सार्स सीओवी-2 से संक्रमित 389 लोगों के नमूनों का भी परीक्षण किया गया।

कंप्यूटर आधारित माडल के साथ इन विश्लेषणों का मेल करने के बाद शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि किस प्रकार एंटीबाडी हमलावर वायरस को निष्कि्रय करती है। पता चला कि सार्स सीओवी-2 की गिरफ्त में आने वालों की एंटीबाडी कोरोना वायरस के खिलाफ भी कमजोर थी। सार्स सीओवी-2 से कोविड-19 बीमारी होती है, जबकि अन्य कोरोना वायरस सर्दी-जुकाम जैसी सामान्य समस्याएं पैदा करते हैं।

शोधकर्ताओं ने दावा किया कि जिन लोगों में सामान्य कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबाडी का स्तर ऊंचा रहा, उन्हें सार्स सीओवी-2 के संपर्क में आने के बाद भी अस्पताल में भर्ती होने का खतरा कम था। स्विट्जरलैंड स्थित यूनिवर्सिटी आफ ज्यूरिख के एलेक्जेंडर ट्रकोला ने कहा, 'हमारा अध्ययन यह दर्शाता है कि अन्य कोरोना वायरस के खिलाफ मजबूत रोग प्रतिरोधक प्रतिक्रिया सार्स-सीओवी-2 के खिलाफ भी काफी हद तक रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है।'