ईरान से तेल व्यापार पर अमेरिका का बड़ा एक्शन, मुंबई की 2 कंपनियों और 5 भारतीयों पर प्रतिबंध
अमेरिका ने गुरुवार को ईरान के साथ पेट्रोलियम उत्पादों का कारोबार करने के आरोप में मुंबई की दो कंपनियों और उनसे जुड़े पांच भारतीय नागरिकों पर प्रतिबंध लगा दिए।

ईरान से तेल व्यापार को लेकर मुंबई की दो कंपनियों और पांच भारतीयों पर प्रतिबंध (सांकेतिक तस्वीर)
HighLights
ईरान से तेल व्यापार को लेकर मुंबई की दो कंपनियों और पांच भारतीयों पर प्रतिबंध
अमेरिका ने कहा, ईरान की मदद करने वाला कोई भी व्यक्ति हमारी कार्रवाई से सुरक्षित नहीं
पीटीआई, वाशिंगटन। अमेरिका ने गुरुवार को ईरान के साथ पेट्रोलियम उत्पादों का कारोबार करने के आरोप में मुंबई की दो कंपनियों और उनसे जुड़े पांच भारतीय नागरिकों पर प्रतिबंध लगा दिए।
अमेरिकी विदेश विभाग ने ईरान से पेट्रोलियम उत्पादों के आयात में मदद करने के लिए एसएसपीएल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड और समुद्र मरीन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ यह कार्रवाई की।
एसएसपीएल साल्यूशंस से जुड़े ध्वनि और निसर्ग वोरा तथा समुद्र मरीन सर्विसेज से जुड़े केतन कोचिकर, भूपेंद्रसिंह साहू और हरिश्याम हरिहरन चुंडाकट्टिल को भी अपनी-अपनी कंपनियों से संबंधित कोई भी लेन-देन करने से रोक दिया गया है।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्काट बेसेंट ने कहा कि ईरान को प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाला कोई भी व्यक्ति वित्त विभाग की कार्रवाई से सुरक्षित नहीं है। भारतीय कंपनियों और नागरिकों के खिलाफ यह कदम 'ऑपरेशन इकोनमिक आउटकास्ट' के तहत ईरान पर अमेरिकी कार्रवाई का हिस्सा है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि ईरानी तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के व्यापार के सिलसिले में 10 कंपनियों, छह व्यक्तियों और पांच जहाजों पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। इन कंपनियों ने ईरान सरकार तक लाखों डालर पहुंचाए।
इससे उसकी आय का एक अहम स्रोत मजबूत हुआ और उसे अपनी अवैध गतिविधियां जारी रखने में मदद मिली। अमेरिका सरकार इस कारोबार को आगे बढ़ाने वाले खरीदारों और विक्रेताओं, दोनों पर प्रतिबंध लगा रही है।
इस बीच, अमेरिका ने समुद्र मरीन सर्विसेज को 23 अक्टूबर तक लेन-देन समेटने (विंड-डाउन) की मंजूरी भी दी है। विंड-डाउन के तहत कुछ समय दिया जाता है, ताकि पक्षकार मौजूदा कारोबार पूरा कर सकें और नए प्रतिबंधों के पूरी तरह लागू होने से पहले अपना कामकाज बंद कर सकें।
