न्यूयार्क, एजेंसी। Salman Rushdie Security: न्यूयार्क में जानलेवा हमले के शिकार हुए भारतीय मूल के लेखक सलमान रुश्दी (Salman Rushdie) ने कुछ दिन पहले ही अपनी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शिकायत की थी। दरअसल अत्यधिक सुरक्षा के इंतजामों से वे नाखुश थे और इसलिए आपत्ति जताई थी।

एक उपन्यास लिखने के बाद से ही मिल रहीं थीं मौत की धमकियां 

मुंबई में जन्मे लेखक को सालों से मौत की धमकियां मिल रहीं थीं। रुश्दी 1988 में लिखे अपने उपन्यास 'द सैटेनिक वर्सेस (The Satanic Verses)' में की गई इस्लाम विरोधी टिप्पणियों के लिए विवाद में आए थे। एक साल बाद 1989 में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खोमैनी ने उनकी हत्या के लिए फतवा जारी किया था। इसके बाद से उनकी जान पर खतरा बना हुआ था। 75 वर्षीय लेखक सलमान रुश्दी (75) पर शुक्रवार को न्यूयार्क में चाकू से जानलेवा हमला हुआ। यह हमला 24 वर्षीय युवक हादी माटर ने की जो न्यूजर्सी का रहने वाला है।

साल 2001 में रुश्दी ने सार्वजनिक तौर पर शिकायत की थी कि उनके लिए अत्यधिक सुरक्षा के इंतजाम हैं। यह जानकारी न्यूयार्क पोस्ट की रिपोर्ट में प्रकाशित की गई थी। प्राग राइटर्स फेस्टिवल में हिस्सा लेने पहुंचे रुश्दी ने कहा था , 'यहां अपने लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम से थोड़ा शर्मिंदा हूं। मुझे लगता है कि यह वास्तव में अनावश्यक है और काफी अधिक भी है। निश्चित तौर पर मैंने इसके लिए अनुरोध नहीं किया।'

मंच पर ही गिर गए थे रुश्दी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक कार्यक्रम में व्याख्यान देने गए रुश्दी को हमलावर ने कई मुक्के मारे, इसके बाद चाकू से कई वार किए। चाकू प्रहार से उनकी गर्दन में गहरा घाव हो गया और रक्तस्त्राव से शरीर का ऊपरी हिस्सा भीग गया। हमले से घायल होकर रुश्दी मंच पर ही गिर गए। कुछ ही क्षणों में पहुंचे सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर से बचाकर उन्हें एयरलिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया गया। हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है।

Edited By: Monika Minal