कीव, एपी। मारीपोल की अजोवस्टाल स्टील फैक्ट्री में रहकर कई हफ्ते लड़ाई लड़ने के बाद करीब एक हजार यूक्रेनी सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया है। इन सैनिकों को रूसी कब्जे वाले स्थान पर ले जाया गया है और वहां उनसे पूछताछ चल रही है। उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता है। सैनिकों को लड़ाई खत्म करने का आदेश देने वाली यूक्रेन सरकार ने उनसे जान बचाने के लिए कहा लेकिन बाहर जाकर आत्म समर्पण करने के लिए नहीं कहा था।

स्टील फैक्ट्री की स्थिति को लेकर अभी भी सब कुछ साफ नहीं है। फैक्ट्री के भीतर कितने लोग बाकी हैं, यह भी स्पष्ट नहीं है। जिन सैनिकों ने बाहर निकलकर समर्पण किया है उनका भविष्य भी अनिश्चित है। यूक्रेन ने कहा है कि उसे उम्मीद है कि बंदियों की अदलाबदली में स्टील फैक्ट्री से निकले सैनिक रिहा हो जाएंगे लेकिन रूस समर्पण करने वाले कुछ सैनिकों पर युद्ध अपराध का मुकदमा चलाने पर विचार कर रहा है।

रूसी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल इगोर कोनाशेंकोव ने बुधवार को कहा, सोमवार से अभी तक कुल 959 यूक्रेनी सैनिक स्टील फैक्ट्री से बाहर आए हैं। इनमें घायल सैनिक भी शामिल हैं। रूसी सेना का अनुमान है कि स्टील फैक्ट्री के भीतर से करीब दो हजार सैनिक और विदेशी लड़ाके मुकाबला कर रहे थे। इस लिहाज से करीब आधे सैनिकों ने ही बाहर आकर समर्पण किया है।

करीब एक हजार सैनिकों के फैक्ट्री की सुरंगों और भूमिगत बंकरों में अभी होने का अनुमान है। दोनों पक्ष खुद को हारा हुआ नहीं दिखाना चाहते, इसलिए सतर्कता से बयान दिए जा रहे हैं। रूसी सैनिक सुरंगों में नहीं घुस रहे लेकिन रूसी सेना ने पूरे मारीपोल इलाके को जीत लेने का दावा किया है। कई शहरों से पीछे लौटी रूसी सेना को यह राहत देने वाली खबर है।

यूक्रेन की उप रक्षा मंत्री हाना मालियार ने कहा है कि फैक्ट्री से सैनिकों की निकासी के लिए वार्ता जारी है। वार्ता के आगे बढ़ने पर फैक्ट्री के भीतर मौजूद सैनिकों को बाहर आने के लिए कहा जाएगा। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि विश्व के सबसे ज्यादा प्रभावशाली मध्यस्थ निकासी के लिए वार्ता में लगे हैं, नतीजा अच्छा निकलेगा। 

Edited By: Krishna Bihari Singh