वाशिंगटन, रायटर। हवाना सिंड्रोम के मामलों को लेकर अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआइए (सेंट्रल इंटेलीजेंस एजेंसी) ने रूस की ओर इशारा किया है। कहा है कि मेडिकल जांच में समझा नहीं जा सका कि किस प्रचलित बीमारी और कारण की वजह से कई देशों के दूतावासों में कार्यरत राजनयिक, अधिकारी और उनके परिवार के लोग बीमार हुए। करीब एक हजार मामलों के परीक्षण करने के बाद भी खुफिया और चिकित्सा विशेषज्ञ पता नहीं लगा पाए हैं कि विदेश में कार्यरत इन लोगों की बीमारी के पीछे क्या कारण है।

सीआइए नहीं पता लगा सकी अमेरिकी राजनयिकों और अधिकारियों के बीमार होने का कारण

न्यूयार्क टाइम्स अखबार में प्रकाशित हवाना सिंड्रोम से जुड़े मामलों की अध्ययन रिपोर्ट से जुड़ी खबर के अनुसार सीआइए दो दर्जन मामलों पर जांच कर रही है। ये मामले उन राजनयिकों, अधिकारियों और उनके परिवार के लोगों के हैं जो विएना, पेरिस, जिनेवा और हवाना के अमेरिकी दूतावासों में कार्यरत थे या रह रहे थे। इनके अतिरिक्त दो दर्जन अन्य मामलों पर भी नजर रखी जा रही है।

2016 में सबसे पहला मामला सामने आया

ये मामले सबसे पहले 2016 में सामने आए। तब क्यूबा की राजधानी हवाना में कार्यरत दर्जनों राजनयिकों और अधिकारियों ने जुकाम, लगातार सिर दर्द, याददाश्त कमजोर पड़ने, शरीर शिथिल होने और बीमार होने जैसे लक्षणों की शिकायत की। चूंकि शुरुआती परीक्षण में इनका कारण पता नहीं चल सका, इसलिए इसे हवाना सिंड्रोम के कारण पैदा हुई बीमारी का नाम दे दिया गया।

मामलों की सीआइए जांच में पता चला कि राजनयिकों और अधिकारियों ने बीमार पड़ने से कुछ दिन पहले दूतावास के नजदीक अजीब सी आवाजें सुनी थीं, इन्हें सुनने से बेचैनी हुई थी। साल 2021 में जब अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने हवाना सिंड्रोम के लक्षणों के चलते वियतनाम की यात्रा को कुछ समय के लिए टाल दिया। उस समय दुनिया को हवाना सिंड्रोम के बारे में पता चला।

सीआइए के निदेशक विलियम ब‌र्न्स ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा, हम पीड़ि‍तों को दुनिया की सबसे अच्छी चिकित्सा दी और उनकी देखभाल की लेकिन समझ नहीं पाए कि उनकी बीमारी के पीछे क्या कारण हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने माना है कि राजनयिकों, अधिकारियों और अन्य लोगों के बीमार पड़ने के कारणों का पता नहीं लगाया जा सका है।

हवाना सिंड्रोम के कारण

वर्तमान समय में हवाना सिंड्रोम के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चला सका है। खबरों की मानें तो रेडियोफ्रीक्वेंसी, सोनिक अटैक, इंटरमॉड्यूलेशन विरूपण, कीटनाशकों के संपर्क में आने से हवाना सिंड्रोम की समस्या होती है। इस बीमारी से अमेरिकी लोग अधिक शिकार हुए हैं।

Edited By: Arun Kumar Singh