'पाकिस्तान में सेना चलाती है सरकार', UN में भारत ने पाक को जमकर लताड़ा
संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत ने पाकिस्तान को कठपुतली शासन बताते हुए उसके झूठ और पाखंड की कड़ी आलोचना की। ...और पढ़ें

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान को लताड़ा(फाइल फोटो)

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डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में भारत ने शुक्रवार को पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए कठपुतली शासन करार दिया। भारत ने पाकिस्तान के झूठ और पाखंड की कड़ी आलोचना की और साफ चेतावनी दी कि इस्लामाबाद द्वारा आतंकवाद को बढ़ावा देने के गंभीर परिणाम होंगे।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने राइट ऑफ रिप्लाई का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भाषण का करारा जवाब दिया।
सेना की, सेना द्वारा और सेना के लिए सरकार
पेटल गहलोत ने कहा कि मानवाधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों पर पाकिस्तान की बातें पूरी तरह पाखंड हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस देश की राजधानी को अपनी ही जनता से बचाने के लिए किले में बदला जा रहा हो, वह लोकतंत्र पर उपदेश न दे।
उन्होंने कहा कि यह शासन सेना का, सेना द्वारा और सेना के लिए है। उनके कठपुतली नेता आते-जाते रहेंगे, लेकिन इसमें कोई भ्रम नहीं होना चाहिए कि असली ताकत किसके पास है।
उन्होंने पाकिस्तान के 27वें संविधान संशोधन का हवाला दिया, जिसके तहत चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को कानूनी मुकदमों से आजीवन छूट दी गई है।
कश्मीर भारत का अभिन्न अंग: PoK पर उठाए सवाल
कश्मीर पर शहबाज शरीफ के बयानों को खारिज करते हुए भारत ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है और हमेशा रहेगा। गहलोत ने कहा कि अगर बात करनी ही है, तो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की स्थिति पर होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि रावलकोट के लोगों से पूछिए कि वे किस तरह की बेहिसाब हत्याओं, हिंसा और बुनियादी अधिकारों के हनन का सामना कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि PoK में चुनावी धांधली और शरणार्थी सीटों को लेकर कई महीनों से जनता का भारी विरोध प्रदर्शन चल रहा है।
9/11 और ओसामा बिन लादेन की दिलाई याद
शहबाज शरीफ द्वारा 2025 के तनाव के दौरान पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की "हस्तक्षेप" की तारीफ करने पर भारत ने इसे विचित्र बताया। भारत ने याद दिलाया कि दुनिया ने हाल ही में 9/11 आतंकी हमलों की 25वीं बरसी देखी है।
गहलोत ने कहा कि यह संदर्भ याद रखना जरूरी है, क्योंकि उस हमले का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन पाकिस्तानी सेना की प्रमुख अकादमी के ठीक बगल में सुरक्षित रह रहा था।
भारत ने दी आतंकवाद पर सीधी चेतावनी
सीमा पार आतंकवाद पर कड़ा रुख अपनाते हुए भारत ने स्पष्ट किया कि वह अपनी रक्षा करने के अधिकार का पूरा इस्तेमाल करेगा। भारत ने पिछले साल 7 मई को शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख किया, जो पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और PoK में मौजूद आतंकी ठिकानों पर किया गया था।
गहलोत ने कहा कि भारत ने दिखा दिया है कि आतंकियों के पास अब भागने या छिपने की कोई जगह नहीं होगी। यदि पाकिस्तान आतंकवाद जारी रखता है, तो इसके गंभीर नतीजे भुगतने होंगे।
धार्मिक असहिष्णुता पर शहबाज शरीफ के बयानों को भारत ने ढोंग बताया। गहलोत ने कहा कि जिस देश का मुख्य आधार ही ईशनिंदा कानून और कट्टरता रहा हो, वह दूसरों को सीख नहीं दे सकता।
पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है, इसलिए खोखले बयानों से वैश्विक समुदाय को गुमराह नहीं किया जा सकता।
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