वाशिंगटन, आइएएनएस। अमेरिका के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू करने को रिपब्लिकन पार्टी ने पक्षपातपूर्ण करार दिया है। रिपब्लिकन पार्टी का कहना है कि वह राष्‍ट्रपति के खिलाफ महाभियोग प्रक्रिया को खारिज करते हैं। मंगलवार को पेलोसी ने छह सदन समितियों को ट्रंप के खिलाफ अपनी जांच जारी रखने का आदेश दिया। वहीं ट्रंप ने कहा कि विपक्ष उनके पीछे हाथ-धोकर पड़ा है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि विपक्षी डेमोक्रेट्स के इस कदम से 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में उनके दोबारा चुने जाने की संभावना मजबूत ही होगी।

विदेशी ताकतों का इस्तेमाल कर अपने पद की शपथ का उल्लंघन

बता दें कि पेलोसी ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी जो बाइडन को नुकसान पहुंचाने के लिए विदेशी ताकतों का इस्तेमाल कर अपने पद की शपथ का उल्लंघन किया। उनका यह भी कहना था कि अमेरिका में कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। इतिहास इस बात का गवाह रहा है कि अभी तक अमेरिका के किसी भी राष्ट्रपति को महाभियोग के ज़रिए नहीं हटाया गया है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदीमीर ज़ेलेंस्की पर दबाव बनाया

अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप पर आरोप है कि उन्‍होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदीमीर ज़ेलेंस्की पर दबाव बनाया कि वे ट्रंप के डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंदी जो बाइडन और उनके बेटे के खिलाफ भ्रष्टाचार के दावों की जांच शुरू करें। हालांकि डोनाल्ड ट्रंप ने इन सभी आरोपों से साफ इन्‍कार किया है। हां, ट्रंप ने यह जरूर माना है कि उन्होंने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदी के बारे में यूक्रेन के राष्ट्रपति से चर्चा की थी।

बाइडन 2020 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप को दे सकते हैं टक्कर 

पेलोसी ने कहा कि ट्रंप के कार्यकाल की कार्रवाइयां राष्ट्रपति पद की शपथ के प्रति बेईमानी, हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा का उल्लंघन और हमारे चुनाव की अखंडता के साथ विश्वासघात को दर्शाती हैं। इसलिए हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स महाभियोग की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर रहा है। दरअसल, ऐसा माना जा रहा है कि पूर्व उप-राष्ट्रपति जो बाइडन 2020 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप को टक्कर दे सकते हैं। चर्चा है कि निचले सदन में 145 से 235 डेमोक्रेट्स महाभियोग के समर्थन में हैं। हालांकि, महाभियोग की प्रक्रिया यहां पूरी हो भी जाती है तो इसका रिपब्लिकन के बहुमत वाले सीनेट से पास होना मुश्किल है बशर्ते कोई बड़ी बगावत न हो।

Posted By: Tilak Raj

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस