मुंबई, एएनआइ। कोरोना का टीका विकसित होने के बाद उसे देशभर में पहुंचाने के लिए रिलायंस फाउंडेशन हरसंभव योगदान देगा। फाउंडेशन की संस्थापक व चेयरपर्सन नीता अंबानी ने बुधवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज की वार्षिक आमसभा को संबोधित करते हुए यह बात कही।

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ अभी लड़ाई जारी है। रिलायंस फाउंडेशन देशभर में जियो के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की मदद से कोविड-19 की जांच को तेज करने के लिए सरकार और स्थानीय निकायों के साथ मिलकर काम कर रहा है। कोरोना का टीका उपलब्ध होते ही फाउंडेशन उसे भी देशभर में पहुंचाने के लिए हरसंभव मदद करेगा। उन्होंने मौजूदा परिस्थितियों में फाउंडेशन की ओर से किए जा रहे अन्य योगदान की भी जानकारी दी। 

कोरोनावायरस का इलाज किस तरह किया जाए डॉक्टर्स और वैज्ञानिकों के लिए ये सबसे बड़ा मसला है। डॉक्टर्स इस बीमारी पर काबू पाने के लिए तरह-तरह की चिकित्सा पद्धति अपनाने पर जोर दे रहे हैं, प्लाजमा थैरेपी डॉक्टरों की ही देन है जो कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। अब वैज्ञानिकों ने कोविड-19 के मरीजों पर अध्ययन करके एक खास किस्म की ‘इम्युनोटाइप्स’ का पता लगाया है जिससे रोग की गंभीरता को समझने और उसके इलाज के लिए नई चिकित्सा पद्धति विकसित करने में मदद मिलेगी। 

अध्ययनकर्ताओं ने कहा कि दुनियाभर के वैज्ञानिक कोविड-19 से लड़ने में मानव की रोग प्रतिरक्षा प्रणाली की विशेषताओं का पता लगाने में जुटे हैं। मैथ्यू और उनके सहयोगियों ने अभी तक मिले निष्कर्षों को विस्तार से समझने के लिए कोविड-19 के 125 रोगियों की दो स्तरों पर प्रतिरक्षा प्रणाली की कोशिकाओं का विश्लेषण किया। ऐसा मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने के पहले सप्ताह में किया गया था।

मालूम हो कि दुनियाभर के तमाम देश अभी इसका टीका बनाने में लगे हुए हैं। रिलायंस ग्रुप का कहना है कि जब टीका खोज लिया जाएगा और उसका उत्पादन शुरू हो जाएगा तो रिलायंस फाउंडेशन उसे हर तबके तक पहुंचाने का काम करेगा। क्योंकि टीका बन जाने के बाद उसे हर नागरिक तक पहुंचाना भी अपने आप में एक बड़ा काम होगा। रिलायंस फाउंडेशन इस काम को करने के लिए प्रतिबद्ध है। 

 

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