न्यूयॉर्क, आइएएनएस। शोधकर्ताओं ने शरीर में पाए जाने वाले एक ऐसे जीन की खोज की है जो सामान्य तौर पर लिए जाने वाले एंटीबॉयोटिक वैंकोमाइसिन से होने वाले रिएक्शन को बढ़ाता है। वैंकोमाइसिन एक ऐसा एंटीबायोटिक है जिसका उपयोग गंभीर जानलेवा बैक्टीरियल इंफेक्शन के इलाज में किया जाता है। कुछ लोगों में एंटीबॉयोटिक लेने से रिएक्शन हो जाता है जिसे ड्रेस (ड्रग रैश विद इयोसिनोफिलिया एंड सिस्टेमिक सिमटम्स) भी कहते हैं।

शोधकर्ताओं ने बताया कि अभी तक यह अध्ययन नहीं किया गया था कि रिएक्शन की यह समस्या कहीं आनुवंशिक तो नहीं जो केवल विशिष्ट प्रकार के रोगियों में होती है। अब एक नए अध्ययन में अमेरिका की वेंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने बताया कि वैंकोमाइसिन से उन्हीं रोगियों में ड्रेस के फैलने की संभावना होती है जिनके शरीर में ह्यूमन ल्यूकोसाइट एंटीजन (एचएलए) जीन पाया जाता है। ड्रेस होने पर शरीर में तेज बुखार रहता है इसके साथ ही त्वचा में लाल चकत्ते पड़ जाते हैं और अंदर के कई ऊतकों को काफी नुकसान पहुंचता है। एलर्जी एंड क्लीनिकल इम्यूनोलॉजी जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार एचएलए जीन शरीर में कुछ खास एंटीबॉयोटिक होने पर रिएक्शन करता है। शोधकर्ताओं ने उन मरीजों में विशेष गामा-इंटरफेरान इएलआइ स्पाट परीक्षण किया, जिनमें ड्रेस फैल चुका था।

शोधकर्ता एलिजाबेथ फिलिप्स ने बताया कि इस परीक्षण का मुख्य उद्येश्य उन एंटीबायोटिक की पहचान करना था जो विशेष रूप से ड्रेस के लिए जिम्मेदार होता है, जिससे कि रोगियों को उनके प्रति सजग किया जा सके। उन्होंने परीक्षण में पाया कि मुख्यत: वैंकोमाइसिन और अन्य एंटीबायोटिक इसके कारक हैं। उन्होंने बताया कि यह शोध चिकित्सा क्षेत्र में बहुत ही महत्वपूर्ण हैं क्योंकि अभी हम दवाओं से किसी विशेष जीन से होने वाले रिएक्शन के बारे में शून्य के बराबर जानते हैं।

Posted By: Sanjay Pokhriyal

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