वाशिंगटन, प्रेट्र। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के एक सलाहकार आयोग ने ग्रीन कार्ड या स्थायी निवास संबंधी सभी आवेदनों का निपटारा छह महीने के भीतर करने की सिफारिश की है। अगर इस प्रस्ताव को स्वीकार किया गया, तो ग्रीन कार्ड का दशकों से इंतजार कर रहे हजारों भारतीयों के लिए एक बड़ी खुशखबरी होगी। ग्रीन कार्ड धारक अमेरिका में स्थायी निवास का हकदार हो जाता है। नई इमिग्रेशन प्रणाली से उन आइटी पेशेवर भारतीयों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जो एच-1बी वर्क वीजा पर नौकरी करने के लिए अमेरिका का रुख करते हैं। अमेरिका ने नई इमिग्रेशन प्रणाली के तहत प्रत्येक देश के लिए सात प्रतिशत का कोटा तय कर दिया है। इससे भारतीयों को ग्रीन कार्ड हासिल करने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।

प्रेसिडेंट्स एडवाइजरी कमीशन आन एशियन अमेरिकंस, नेटिव हवाइयंस एंड पैसिफिक आइलैंडर (पीएसीएएएनएचपीआइ) के सुझावों को स्वीकृति के लिए व्हाइट हाउस भेजा गया है। पीएसीएएएनएचपीआइ की बैठक में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के नेता अजय जैन ने इस संबंध में प्रस्ताव रखा था, जिसे सभी 25 आयुक्तों ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया। वाशिंगटन में आयोजित इस बैठक का पिछले हफ्ते सीधा प्रसारण किया गया था।

ग्रीन कार्ड के लंबित आवेदनों की संख्या घटाने के लिए आयोग ने यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (यूएससीआइएस) को अपनी प्रक्रियाओं, प्रणालियों व नीतियों की समीक्षा करने की सलाह दी थी। आयोग ने प्रक्रियाओं को व्यवस्थित कर उसे नई रूपरेखा देने, अनावश्यक प्रक्रिया को समाप्त करने, किसी भी अनुमोदन को स्वचालित बनाने तथा प्रणाली में सुधार लाने की भी सिफारिश की है। इन सिफारिशों का उद्देश्य परिवार आधारित ग्रीन कार्ड आवेदन डेफर्ड एक्शन फार चाइल्डहुड अराइवल (डीएसीए) नीति का नवीनीकरण, अन्य सभी ग्रीन कार्ड आवेदनों पर गौर करने की प्रक्रिया में लगने वाले समय को घटाना व आवेदन मिलने के छह महीने के भीतर उसका निपटारा करना है।

भूतोड़िया की तरफ से प्रस्तुत दस्तावेजों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2021 के लिए उपलब्ध 2.26 लाख ग्रीन कार्ड में से परिवार आधारित सिर्फ 65,452 ग्रीन कार्ड जारी किए गए थे। अप्रैल 2022 में इस संबंध में 4,21,358 लोगों का साक्षात्कार लंबित था, जबकि मार्च में यह संख्या 4,36,700 थी।

Edited By: Monika Minal