वाशिंगटन, प्रेट्र। भारत और अमेरिका के रक्षा संबंधों को और प्रगाढ़ करने की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में तैयार किए गए बिल पर एक संसदीय समिति ने अपनी मुहर लगा दी है। अब इस बिल को अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में पेश किया जाएगा।

राष्ट्रीय रक्षा अधिकार अधिनियम (एनडीएए) में संशोधन करने संबंधी इस बिल को डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद और सदन की विदेश मामलों की समिति के वरिष्ठ सदस्य ब्राड शेरमैन ने आगे बढ़ाया है। बिल पर सदन की नियम संबंधी समिति ने बुधवार को अपनी मुहर लगा दी। इसमें दोनों देशों के बीच रक्षा साझीदारी के विकास और क्रियान्वयन के लिहाज से वरिष्ठ सैन्य और असैन्य अधिकारियों के बीच वार्ता और आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की बात की गई है।

इसके अलावा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की पैरवी भी की गई है। इस बिल को आगे बढ़ाने वालों में शेरमैन के अलावा भारतवंशी सांसद एमी बेरा और राजा कृष्णमूर्ति भी शामिल हैं। अमेरिका ने 2016 में भारत को प्रमुख रक्षा साझीदार का दर्जा दिया था।

संयुक्त सैन्य अभ्यास बढ़ाने पर जोर

बिल में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि सरकार फारस की खाड़ी, हिंद महासागर और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्रों में भारत के साथ अतिरिक्त संयुक्त सैन्य अभ्यास करे।

Posted By: Nitin Arora

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