वाशिंगटन, एएनआइ। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से ईरान पर लगाए गए हथियारों के प्रतिबंधों को आगे बढ़ाने की मांग की। यह प्रतिबंध इस साल अक्टूबर में समाप्त होने वाला है। दरअसल, इरान पर से हथियार प्रतिबंध हटाना परमाणु समझौते को समर्थन देने वाले 2015 के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का हिस्सा है। इससे पहले भी अमेरिकी विदेश मंत्री इरान पर संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों को बढ़ाने की बात कही थी। पोंपियो का कहना है कि प्रतिबंध हटने से इरान उन्नत हथियार प्रणालियां खरीदने में सक्षम हो जाएगा और दुनिया भर मे आतंकियों हथियार सौदे का जरिया बन जाएगा।

पिछले माह पोंपियो ने इसे लेकर चेतावनी भी दी थी कि यदि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ओर से इरान पर लगाए गए हथियार प्रतिबंधों को अनिश्चितकाल तक के लिए बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं देती है तो अमेरिका फिर से संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों का लागू करने पर जोर देगा। बता दें कि इरान पर लगाए गए इस प्रतिबंध के अब मात्र चार माह बचे हैं।

उल्लेखनीय है कि इरान-अमेरिका के बीच तनाव काफी बढ़ गया है इसके पीछे परमाणु समझौते से अमेरिका का हटने का फैसला है। 2015 का वह समझौता ईरान और छह प्रमुख शक्तियों के बीच हुआ था। पोंपियो ने लोकतंत्र के मामले में इरान की तुलना ऑस्ट्रेलिया और भारत से की   और कहा कि यह एक जिम्मेदार लोकतंत्र नहीं है इसलिए इस पर हथियार प्रतिबंधों की अवधि बढ़ाई जानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि ऐसा न करने से रूस निर्मित लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए इरान स्वतंत्र हो जाएगा। सुरक्षा परिषद की डिजिटल बैठक में पोंपियो ने कहा, 'पूर्व अमेरिकी प्रशासन द्वारा खामियों से भरा परमाणु करार करने की वजह से, विश्व के सबसे नृशंस आतंकी शासन पर लगाए गए हथियार प्रतिबंध की अवधि 18 अक्टूबर यानि अब से केवल चार महीने में समाप्त हो रही है।

 

Posted By: Monika Minal

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