वाशिंगटन, एपी। पेंसिलवेनिया अस्पताल के बाहर पुलिस अधिकारी द्वारा एक व्यक्ति की गर्दन पर घुटना रखकर उसे रोकने का वीडियो वायरल होने पर विरोध-प्रदर्शन का दौर शुरू हो गया है। लोगों ने पुलिस की बर्बरता के खिलाफ सोमवार को नाराजगी प्रकट की और बड़े अफसरों की जवाबदेही की मांग की।

बता दें कि अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड को इसी तरह से एक पुलिस अधिकारी ने मौत के घाट उतार दिया था, जिसके बाद अमेरिका सहित पूरे विश्व नस्ली भेदभाव के खिलाफ जमकर प्रदर्शन हुए थे।

एलनटाउन पुलिस ने घटना से जुड़ा एक वीडियो रिलीज किया है। जिसमें दिखाया गया है कि पुलिस अधिकारी उस व्यक्ति की गर्दन को दो बार अपने घुटने से दबाता है। पहली बार आठ सेकेंड के लिए और दूसरी बार 20 सेकेंड के लिए।

पुलिस ने सोमवार को जारी एक बयान में कहा कि यह व्यक्ति मानसिक रूप से आशक्त होने के साथ ही मादक पदार्थ और शराब का आदी था। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि पुलिस ने अपनी ही नीति का उल्लंघन किया है। वहीं अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन ऑफ पेंसिलवेनिया ने इस कृत्य को बल का अवैध उपयोग बताया है।

मालूम हो कि जब जॉर्ज फ्लॉयड की मौत हो गई थी उसके बाद पूरे अमेरिका में एक सप्ताह से अधिक समय तक विरोध प्रदर्शन हुए थे। प्रदर्शन करने वालों में श्वेत और अश्वेत दोनों शामिल थे। प्रदर्शन करने वालों ने शहर में तमाम जगहों पर लगाई गई मूर्तियों को भी तोड़ दिया था।

एक समय ऐसा आ गया था कि प्रदर्शनकारियों के सामने पुलिस ने घुटने के बल आ गई थी। इस मामले में पुलिस के अफसरों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई थी। उसी के बाद ये तय किया गया था कि पुलिस अब किसी भी पकड़े गए व्यक्ति पर इस तरह से बल प्रयोग नहीं करेगी मगर सोमवार को हुई घटना के बाद से फिर से पुलिस के इस कृत्य से लोगों में आक्रोश है।

Posted By: Vinay Tiwari

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