वाशिंगटन, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्वाड शिखर सम्मेलन से पहले ओवल कार्यालय में अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। वैसे तो बाइडन के राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों नेताओं की कई बार फोन पर बातचीत हुई है लेकिन यह पहली बार था जब दोनों नेताओं ने आमने-सामने बैठकर विभिन्‍न मुद्दों पर चर्चा की। इस बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा दशक में भारत और अमेरिका एक दूसरे के पूरक हो सकते हैं। वहीं अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि मैंने काफी पहले ही बता दिया था कि आने वाले वक्‍त में भारत और अमेरिका दुनिया के सबसे करीबी देश होंगे।

PM Modi and Biden Meet High Lights-

शानदार रही बातचीत

बैठक के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट कर बताया कि उनकी अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन के साथ शानदार बातचीत हुई। महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर उनका नेतृत्व प्रशंसनीय है। हमने चर्चा की कि कैसे भारत और अमेरिका विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाएंगे और कोरोना महामारी और जलवायु परिवर्तन जैसी प्रमुख चुनौतियों से पार पाने के लिए मिलकर काम करेंगे।

पीएम मोदी बोले- आपने नायाब पहल की  

बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- आपने पदभार संभालने का बाद कोविड महामारी हो, जलवायु परिवर्तन हो या क्वाड, हर क्षेत्र में एक नायाब पहल की है। यह पहलकदमी आने वाले दिनों में बहुत बड़ा प्रभाव पैदा करेगी। मुझे विश्वास है कि आज की हमारी बातचीत में भी इन सभी मुद्दों पर हम विस्तार से विचार विमर्श कर सकते हैं। हम कैसे साथ चल सकते हैं, दुनिया के लिए भी हम क्या अच्छा कर सकते हैं, इसपर हम आज सार्थक चर्चा करेंगे...

नया मुकाम तय करेगी भारत अमेरिका की दोस्‍ती 

वहीं अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि मुझे काफी पहले ही यकीन हो गया था कि अमेरिका-भारत संबंध हमें कई वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने में मदद कर सकते हैं। साल 2006 में जब मैं उपराष्ट्रपति था तभी कहा था कि 2020 तक भारत और अमेरिका दुनिया के सबसे करीबी देश में होंगे।

मजबूत साझेदारी की प्रतिबद्धता दिखाई

इस बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने भारत के साथ एक मजबूत साझेदारी विकसित करने की प्रतिबद्धता जताई। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा- हम अपनी मजबूत साझेदारी को जारी रखने जा रहे हैं। बाइडन ने बैठक के उद्घाटन खंड के दौरान उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की भारतीय विरासत का भी संदर्भ दिया।

एक दूसरे की कर सकते हैं मदद

पीएम मोदी ने कहा- भारत और अमेरिका के संबंधों में मैं एक बड़ा बदलाव देख रहा हूं। ऐसा रूपांतरण मैं तब देख रहा हूं जब लोकतांत्रिक परंपराओं और मूल्यों के लिए हम समर्पित हैं। भारत और अमेरिका के बीच व्‍यापार का अपना महत्व है। इस दशक में ट्रेड के क्षेत्र में भी हम एक दूसरे को काफी मदद कर सकते हैं। बहुत सी चीजें हैं जो अमेरिका के पास हैं जिनकी भारत को ज़रूरत है। बहुत सी चीजें भारत के पास हैं जो अमेरिका के काम आ सकती हैं।

मायने रखती हैं बाइडन की कोशिशें 

पीएम मोदी ने कहा- राष्ट्रपति बाइडन द्वारा उल्लिखित हर विषय भारत-अमरीका की मित्रता के लिए महत्वपूर्ण हैं। कोरोना महामारी पर उनके प्रयास, क्‍वाड को लेकर पहलकदमी और जलवायु परिवर्तन को कम करने के लिए उनकी कोशिशें उल्लेखनीय हैं।

ट्रस्टीशिप की भावना महत्‍वपूर्ण

बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- महात्मा गांधी हमेशा इस बात की वकालत करते थे कि इस प्लेनेट के हम ट्रस्टी हैं। ये ट्रस्टीशिप की भावना भी भारत और अमेरिका के बीच के संबंधों में बहुत अहमियत रखेगी। मौजूदा दशक पूरी दुनिया के लिए महात्‍मा गांधी की उस ट्रस्टीशिप की भावना के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है।

उठाना होगा प्रौद्योगिकी का लाभ

पीएम मोदी ने कहा- मौजूदा वक्‍त में प्रौद्योगिकी एक प्रेरक शक्ति बन रही है। हमें दुनिया की अधिक से अधिक भलाई के लिए और प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने के लिए अपनी प्रतिभा का उपयोग करना होगा। राष्ट्रपति जो बाइडन ने गांधी जी की जयंती का जिक्र किया। गांधी जी ने ट्रस्टीशिप के बारे में अपने महत्‍वपूर्ण विचार रखे थे। आने वाले समय में यह अवधारणा हमारे ग्रह के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित होगी...

हमारे संबंध पारिवारिक

वहीं अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन ने कहा- हमारे संबंध पारिवारिक हैं। चार मिलियन भारतीय मूल के लोग यहां है जो अमेरिका को और मज़बूत बनाते हैं। अगले सप्ताह जब हम महात्मा गांधी जी का जन्मदिन मनाएंगे तो हमें याद रखना है कि उनके बनाए जो मूल्य हैं अहिंसा, सहिष्णुता और आदर ये आज की दुनिया को पहले से ज़्यादा ज़रुरत है।

बाइडन का नेतृत्व निभाएगा महत्‍वपूर्ण भूमिका

पीएम मोदी ने कहा कि मैं देख रहा हूं कि बाइडन के नेतृत्व में भारत-अमेरिका संबंधों के विस्तार के बीज बोए गए हैं। आज का द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन महत्वपूर्ण है। हम इस सदी के तीसरे दशक की शुरुआत में मिल रहे हैं। बाइडन का नेतृत्व निश्चित रूप से इस दशक को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

स्‍वागत के लिए दिया धन्‍यवाद 

पीएम मोदी ने कहा कि मुझे और मेरे प्रतिनिधिमंडल के गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं आपको धन्यवाद देता हूं। इससे पहले भी हमें चर्चा करने का अवसर मिला था। उस समय आपने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों के लिए दृष्टिकोण रखा था। आज आप भारत-अमेरिका संबंधों की मजबूती के लिए अपने विजन को लागू करने की पहल कर रहे हैं....

भारत और अमेरिका के रिश्‍ते बेहद मजबूत

बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्‍ते बेहद मजबूत हैं। भारत अमेरिका के लिए बाइडन का विजन प्रेरक है। वहीं राष्‍ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि मैं पीएम मोदी को काफी पहले से जानता हूं। वह व्‍हाइट हाउस आकर बेहद खुश हैं। आने वाले दिनों में भारत और अमेरिका के संबंधों में और मजबूती आएगी....

आगंतुक पुस्तिका पर किए दस्‍तखत

बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्हाइट हाउस के रूजवेल्ट रूम में आगंतुक पुस्तिका पर दस्‍तखत किए।

बाइडन ने किया जोरदार स्‍वागत

अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन ने इस बैठक के लिए पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जोरदार स्‍वागत किया। देखें वह अविस्‍मरणीय पल...

- व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ बैठक जारी, देखिए तस्वीरें....

बाइडन दिए संकेत इन मुद्दों पर होगी बात 

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि मैं द्विपक्षीय बैठक के लिए व्हाइट हाउस में भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी कर रहा हूं। मैं भारत और अमेरिका दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों को मजबूत करने, एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक को बनाए रखने और कोरोना महामारी से लेकर जलवायु परिवर्तन तक हर मसले पर वार्ता के लिए तत्पर हूं...

- प्रधानमंत्री मोदी व्हाइट हाउस पहुंच गए हैं। थोड़ी ही देर में व्हाइट हाउस में उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी।

बड़ी संख्‍या में जुटे भारतीय  

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ द्विपक्षीय बैठक के लिए पीएम नरेंद्र मोदी के आगमन से पहले व्हाइट हाउस के बाहर बड़ी संख्या में भारतीय-अमेरिकी जमा हुए। पीएम मोदी कुछ देर में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे।

आतंकवाद पर पाक को लताड़ 

इससे पहले अमेरिकी उप राष्ट्रपति कमला हैरिस के साथ पीएम मोदी की बैठक द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से बेहद उत्‍साहजनक रही है। हैरिस ने इस बैठक के दौरान आतंकवाद में पाकिस्तान की भूमिका का उल्लेख किया और उससे आतंकी संगठनों पर एक्शन लेने की मांग की। भारत के विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने बताया कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि वह पाकिस्तान से आतंकवाद पर कार्रवाई करने के लिए कह रही हैं कि आतंकी संगठन भारत या अमेरिका को निशाना न बनाएं।

भारत की चिंताओं को समर्थन 

विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला बताया कि अमेरिका सीमा पार आतंकवाद के तथ्यों पर प्रधानमंत्री की ब्रीफिंग से सहमत है। उपराष्‍ट्रपति कमला हैरिस इस तथ्य से भी सहमत हैं कि भारत कई दशकों से आतंकवाद का शिकार रहा है। उनका मानना है कि आतंकवाद के मसले पर पाकिस्तान के समर्थन पर लगाम लगाने के साथ ही उस पर बारीकी से नजर रखने की भी दरकार है। हैरिस ने आतंकवाद और साइबर अपराध समेत तमाम चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने का समर्थन किया है।

बौखलाया चीन

पीएम मोदी के अमेरिका दौरे पर पूरी दुनिया की नजरें हैं। इस दौरे की अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चीन ने वाशिंगटन में हो रही अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के नेताओं के बीच क्वाड शिखर सम्मेलन से पहले इस गठबंधन की आलोचना की। चीन का कहना है कि क्‍वाड का गठन समय की प्रवृत्ति के खिलाफ है। क्‍वाड को कोई समर्थन नहीं मिलेगा। बौखलाए चीन ने यह भी कहा कि क्‍वाड को किसी तीसरे देश और उसके हितों को निशाना नहीं बनाना चाहिए।