वाशिंगटन, एएनआइ। वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक एलिस वेल्स ने कश्मीर घाटी में इंटरनेट सेवा की आंशिक बहाली जैसे प्रगतिशील कदमों पर खुशी जताई है। दक्षिण और मध्य एशिया के लिए कार्यवाहक सहायक विदेश मंत्री वेल्स ने कहा कि उनकी और अन्य विदेशी राजनयिकों की घाटी यात्रा को भारतीय मीडिया ने भी प्रमुखता से स्थान दिया है। बता दें कि अमेरिका, वियतनाम, बांग्लादेश, मालदीव, मोरक्को, फिजी, नार्वे, फिलीपींस, अर्जेटीना सहित 15 देशों के राजदूतों और राजनयिकों ने इस महीने की शुरुआत में घाटी की यात्रा की थी।

हाल ही संपन्न अपनी तीन देशों की यात्रा के बाद मीडिया से बात करते हुए वेल्स ने कश्मीर में विदेशी राजनयिकों की यात्रा को उपयोगी कदम करार दिया। उन्होंने कहा कि हम सरकार से बिना किसी बाधा के विदेशी राजनयिकों को घाटी यात्रा की अनुमति देने का आग्रह करते हैं। साथ ही ऐसे सभी राजनीतिक बंदियों को रिहा करने की अपील करते हैं, जिन पर किसी तरह का आरोप नहीं है।

उन्होंने बताया, 'भारत यात्रा के दौरान मुझे नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर काफी बातें सुनने को मिलीं। मुझे लगता है कि वहां जो कुछ भी चल रहा है, वह एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। वहां पर लोग सड़कों पर हैं। इसको लेकर राजनीतिक दलों, मीडिया और अदालतों में बहस चल रही है। मैं कानून के तहत समान सुरक्षा के सिद्धांत की वकालत करती हूं।' वेल्स ने कहा कि निष्क्रिय विदेश नीति से आगे निकलकर भारत अब अपने हितों को तरजीह दे रहा है।

 

Posted By: Sanjeev Tiwari

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