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मंगल पर NASA के रोवर ने बनाया नया रिकॉर्ड, अरबों साल पुरानी चट्टानों का खंगाल रहा रहस्य

Published: Tue, 20 Oct 2026 11:26 PM (IST)

नासा के परसेवरेंस रोवर ने मंगल पर 28.1 मील की दूरी तय कर नया रिकॉर्ड बनाया है, जो सौरमंडल में ...और पढ़ें

परसेवरेंस रोवर ने मंगल पर 28.1 मील दूरी तय की

परसेवरेंस रोवर ने मंगल पर 28.1 मील दूरी तय की

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डिजिटल डेस्क, न्यूयार्क। मंगल ग्रह पर एक रोबोट लगातार आगे बढ़ रहा है। वह चट्टानों के बीच अपना रास्ता खुद खोजता है। इस सफर में इसे ऐसी प्राचीन चट्टानें मिली हैं, जो मंगल का इतिहास समझने में मदद कर सकती हैं।

नासा के इस 'परसेवरेंस' रोवर ने 28.1 मील की दूरी तय कर नासा के ही अपार्चुनिटी रोवर के 28.06 मील का सफर करने के रिकार्ड को पीछे छोड़ दिया है।

'परसेवरेंस' ने पृथ्वी को छोड़कर सौरमंडल में किसी भी अन्य वाहन की तुलना में अधिक दूरी तय कर ली है, लेकिन 'परसेवरेंस' का असली मिशन सिर्फ दूरी तय करना नहीं, बल्कि मंगल के अरबों साल पुराने इतिहास के रहस्यों को समझना है।

नासा के अनुसार, 11 अक्टूबर को पर्सिवरेंस ने 28.06 मील के पार पहुंच कर अपार्चुनिटी रोवर का रिकार्ड तोड़ा और 28.1 मील का सफर पूरा कर चुका है।

यह इस समय 'लैक डे चार्म्स' नामक इलाके में लगभग चार अरब साल पुरानी चट्टानों के रहस्य को खंगालने का प्रयास कर रहा है। अब इसका लक्ष्य 100 किलोमीटर का सफर पूरा करना है। अपार्चुनिटी मंगल ग्रह का अध्ययन करने के लिए भेजा गया रोवर था।

दिलचस्प बात यह है कि 'परसेवरेंस' अगस्त में ही यह रिकार्ड बना सकता था। लेकिन रास्ते में कुछ असाधारण हल्के रंग की चट्टानें मिल गईं। विज्ञानियों को लगा कि ये चट्टानें मंगल के इतिहास की कोई अहम कड़ी हो सकती हैं। लिहाजा, रोवर करीब दो महीने तक इन चट्टानों की जांच में लगा रहा।

मिशन की वैज्ञानिक प्रमुख केटी स्टैक मार्गन के मुताबिक रोवर का असली उद्देश्य रिकार्ड बनाना नहीं, बल्कि मंगल की चट्टानों को समझना है।

पर्सिवरेंस फरवरी 2021 में मंगल के जेज़ेरो क्रेटर में उतरने के बाद से यह लगातार खोज कर रहा है। जेजेरो क्रेटर को इसलिए चुना गया था क्योंकि यहां प्राचीन झील और नदी से जुड़ी चट्टानों में मंगल पर जीवन मौजूद होने के संकेत मिल सकते हैं।

परसेवरेंस के साथ एक छोटा हेलीकाप्टर इनजेनुइटी भी मंगल पर पहुंचा था। मंगल की सतह पर उतारने के बाद इनजेनुइटी ने किसी दूसरे ग्रह पर पहली नियंत्रित उड़ानें भरकर इतिहास बनाया।

परसेवरेंस की एक खासियत इसकी स्वचालित ड्राइविंग तकनीक है। यह अपने कैमरों और कंप्यूटर की मदद से रास्ते का आकलन कर सकता है।

(एजेंसी के इनपुट के साथ)