जेनेवा, एएनआइ। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक अहमदिया मुस्लिम समुदाय पर हो रहे जुल्मों-सितम का मामला संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में उठाया गया है। यूएनएचआरसी की यहां हो रही 42वीं सालाना बैठक के दौरान अहमदिया समुदाय के प्रतिनिधियों ने पाकिस्तान की हुकूमत पर अत्याचार का आरोप लगाया और न्याय की गुहार लगाई।

ब्रिटेन में रहने वाले अहमदिया मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधि फरीद अहमद ने कहा, 'हमारे समुदाय के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। पाकिस्तान में सैकड़ों अहमदिया की हत्या कर दी गई। समुदाय के हजारों सदस्यों को उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों को फर्जी मामलों में फंसाया गया है। समुचित शिक्षा व्यवस्था तक हमारी पहुंच नहीं है। हमें पाकिस्तान में मतदान का भी अधिकार नहीं है।'

इसी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले सर इफ्तिखार अहमद अयाज ने कहा, 'पाकिस्तान के संविधान में हर नागरिक के लिए समान अधिकार का वादा किया गया है, लेकिन हमारे समुदाय के लोग अत्याचार का सामना कर रहे हैं। समुदाय के लोगों को हर चीज से वंचित किया जा रहा है।'

अहमदिया गैर मुस्लिम समुदाय

साल 1974 में पाकिस्तान के संविधान में संशोधन कर अहमदिया समुदाय को गैर मुस्लिम घोषित कर दिया गया था। पाकिस्तान में इस समुदाय की आबादी करीब 50 लाख है।

मुस्लिम बताने पर तीन साल सजा

वर्ष 1984 में जनरल मुहम्मद जिया-उल-हक के शासन में एक सख्त अध्यादेश जारी किया गया था। इसमें अहमदिया को मुस्लिम बताए जाने को अपराध घोषित किया गया था। खुद को मुस्लिम बताने वाले अहमदिया के लिए तीन साल जेल और जुर्माने की सजा का प्रावधान किया गया था।

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