इस्लामाबाद, एएनआइ। ऐसी रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें अफगानिस्तान में सैन्य अभियान चलाने के लिए अमेरिका द्वारा पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र के उपयोग के लिए जो बाइडेन और इमरान खान सरकार के बीच बातचीत चल रही है। हालांकि, पाकिस्तान ने रिपोर्ट का खंडन किया है। उसने कहा है कि दोनों देशों के बीच लगातार बातचीत चलती रहती है। यह जानकारी स्थानीय मीडिया ने दी।

पाकिस्तानी सरकार के प्रवक्ता ने किया खारिज

अफगानिस्तान में सैन्य और खुफिया अभियानों को अंजाम देने के लिए अमेरिका द्वारा पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र के उपयोग के लिए एक समझौते की औपचारिकता की ओर इशारा करते हुए नई समाचार रिपोर्ट के बारे में मीडिया के सवालों के जवाब में पाकिस्तान सरकार के प्रवक्ता असीम इफ्तिखार अहमद ने कहा कि ऐसी कोई समझ नहीं बनी थी। एआरवाई न्यूज ने यह जानकारी दी।

सीएनएन ने तीन सूत्रों का हवाला देकर बातचीत का किया था जिक्र

समाचार रिपोर्ट को खारिज करते हुए अहमद ने इस बात पर भी जोर दिया कि वाशिंगटन और इस्लामाबाद के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए लंबे समय से सहयोग बनाए हुए हैं और दोनों पक्ष लगातार बातचीत में लगे हुए हैं। इससे पहले शुक्रवार को सीएनएन ने तीन स्रोतों का हवाला देते हुए बताया कि अमेरिकी प्रशासन ने सांसदों को सूचित किया कि अमेरिका अफगानिस्तान में सैन्य और खुफिया अभियानों के संचालन के लिए पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र के उपयोग के लिए एक औपचारिक समझौते के करीब है। सीएनएन ने तीन सूत्रों में से एक के हवाले से कहा कि इस्लामाबाद ने अपने स्वयं के आतंकवाद विरोधी प्रयासों में सहायता के बदले एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने की इच्छा व्यक्त की है।

पहले भी एयरस्पेस के इस्तेमाल को इमरान खान ने किया था खारिज

पाक के विपक्षी दलों ने भी सरकार से उन रिपोर्टों पर स्पष्टीकरण देने की मांग की थी कि पाकिस्तान ने अमेरिकी सेना को अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति दी है। इससे पहले प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक साक्षात्कार में स्पष्ट रूप से कहा था कि पाकिस्तान अफगानिस्तान के अंदर किसी भी प्रकार की कार्रवाई के लिए किसी भी बेस और अपने क्षेत्र के उपयोग की 'बिल्कुल नहीं' अनुमति देगा। खान ने जून में एक साक्षात्कार में कहा था, 'बिल्कुल नहीं। ऐसा कोई रास्ता नहीं है, जिससे हम पाकिस्तानी क्षेत्र से अफगानिस्तान में किसी भी तरह के ठिकानों पर कोई कार्रवाई की अनुमति दे सकें। ऐसा बिल्कुल नहीं होगा।'

अफगानिस्तान में पाकिस्तान के जरिए शुरू हो सकती है हवाई सेवा

ज्ञात हो कि अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की पूर्ण वापसी हुए अब करीब 2 महीने का समय होने वाला है। वर्तमान में अमेरिका, अफगानिस्तान में चल रहे खुफिया जानकारी को इकट्ठा करने के लिए पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का उपयोग करता है। अगर अमेरिका काबुल में अमेरिकी नागरिकों और देश में रहने वाले अन्य लोगों को बाहर निकालने के लिए उड़ानें फिर से शुरू करता है तो पाकिस्तान के माध्यम से अफगानिस्तान के लिए हवाई क्षेत्र और भी महत्वपूर्ण हो सकता है।

Edited By: Arun Kumar Singh