वाशिंगटन, प्रेट्र। कंगाल अर्थव्यवस्था और आतंकवादियों को संरक्षण देने के दाग के साथ अमेरिका पहुंचे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को एयरपोर्ट पर भारी बेइज्जती का सामना करना पड़ा। मंत्री तो दूर अमेरिका का कोई अधिकारी तक उनका स्वागत करने एयरपोर्ट नहीं पहुंचा था। पहले से ही अमेरिका में मौजूद पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और राजदूत असद मजीद खान ने इमरान का स्वागत किया।

अमेरिका में इमरान की हुई बेइज्जती
बेइज्जती की हद तो तब हो गई है, जब इमरान खान को अपने ही अधिकारियों के साथ मेट्रो की यात्रा कर अपने राजदूत के आवास तक जाना पड़ा। मेट्रो में भी इनके साथ कोई अमेरिकी अधिकारी नहीं था। इमरान किसी होटल के बजाय अपने राजदूत के यहां ही ठहरे हैं। वह विशेष विमान के बजाय कतर एयरवेज की सामान्य उड़ान से यहां पहुंचे थे।

सेना प्रमुख और ISI प्रमुख भी रहे मौजूद
इमरान खान के साथ पाक सेना प्रमुख कमर बाजवा और ISI प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद भी आए हैं। यह पहली बार है कि पाक पीएम के साथ पाक सेना प्रमुख और ISI प्रमुख अमेरिकी यात्रा पर हैं। इमरान खान से पहले प्रधानमंत्री के रूप में नवाज शरीफ ने 2015 में अमेरिका का दौरा किया किया।

राष्ट्रपति ट्रंप से मिलेंगे इमरान खान
इमरान खान सोमवार को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। मंगलवार को अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो उनसे मिलेंगे। इसके अलावा वह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के कार्यकारी प्रमुख डेविड लिप्टन और विश्र्व बैंक के अध्यक्ष डेविड मालपास से भी मुलाकात करेंगे।

इससे पहले, इस्लामाबाद में राजनयिक सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री के एजेंडे में अफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया, आतंकवादियों और उन्हें आर्थिक मदद करने वालों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई और पाकिस्तान को अमेरिकी सैन्य सहायता बहाल करने के मुद्दे पर बातचीत होगी।

अमेरिका को दिखाने के लिए पाकिस्तान ने इमरान की यात्रा से पहले आतंकी सरगना हाफीज सईद के खिलाफ कार्रवाई भी की है और उसे जेल में डाल दिया गया है।

हालांकि, खान के यहां पहुंचने से पहले ट्रंप प्रशासन के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान जब तक अपने यहां आतंकवादियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई नहीं करता, उसे सैन्य सहायता निलंबित करने की अमेरिकी नीति जारी रहेगी।

इमरान का अमेरिका में विरोध 
इमरान खान के अमेरिकी दौरे को लेकर बलोच, सिंधी और मोहाजिर समेत पाकिस्तान के कई धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय विरोध प्रदर्शन भी कर रहे हैं। इन समुदायों ने व्हाइट हाउस और कैपिटल हिल एरेना के सामने भी विरोध करने की योजना बनाई है। दरअसल पाकिस्तानी सरकार पर हमेशा से ही बलोच और सिंधी समाज के खिलाफ अत्याचार करने के आरोप लगते रहे हैं।

कमजोर होगी इमरान की यात्रा
अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी ने कहा कि इमरान का अमेरिकी दौरा वास्तविकता के लिहाज से कमजोर दौरा होगा और उनके पास ऐसा वादा करने के लिए कुछ भी नहीं है जो उन्होंने पहले ना किया हो। हक्कानी ने कहा, 'इमरान खान अमेरिका के नए राष्ट्रपति को पुराना माल बेचेंगे। उनके पास वादा करने के लिए ऐसा कुछ भी नहीं है जो उन्होंने पहले ना किया हो।'

सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए इमरान
इमरान खान का अमेरिका में स्वागत नहीं होने पर लोग सोशल मीडिया पर कई मजाकिया कमेंट कर रहे हैं। एक ट्विटर यूजर ने लिखा, 'पाकिस्तान ने क्रिकेट विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। यह उसी की सजा है।' वहीं, एक ट्रोलर ने मीम्स बनाते हुए वेलकम फिल्म के एक फोटो पर लिखा कि 'सह लेंगे थोड़ा'। 

कुमार विश्वास बोले- खैरात में हथियार मिलते हैं, इज्जत नहीं
ट्विटर पर बनाए जा रहे इमरान खान के मजाक पर मशहूर कवि और पूर्व आप नेता कुमार विश्वास भी पीछे नहीं रहे। अमेरिका पहुंचने पर इमरान की हुई बेइज्जती पर कुमार विश्वास ने ट्विटर पर लिखा कि खैरात में हथियार और डॉलर मिलते हैं इमरान खान साहब, खैरात में इज्जत नहीं मिलती वो कमानी पड़ती है।

 

इमरान के बचाव में उमर अब्दुल्ला
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस पार्टी के नेता उमर अब्दुल्ला ने इमरान का बचाव किया है। अब्दुल्ला ने अपने एक ट्वीट में लिखा, 'उन्होंने अपने देश के पैसे को बचा लिया, जिसे खर्च करने की आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने किसी चीज का घमंड नहीं किया जैसा ज्यादातर नेता करते हैं। मुझे बताइए कि ऐसा करना बुरी बात क्यों है। यह इमरान खान के बजाय अमेरिका के नकारात्मक पहलू को उजागर करता है।'

Posted By: Dhyanendra Singh