न्यूयार्क, एएनआइ। पाकिस्तान के बलूचिस्तान में भुखमरी के हालात हैं। यहां मौसम की मार, पानी की कमी, कोरोना महामारी और टिड्डियों के हमलों ने स्थितियां बिगाड़ दी हैं। सरकार की बेरुखी ने लाखों लोगों का संकट और बढ़ा दिया है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार यहां पांच लाख लोगों के सामने खाने का संकट है। एक लाख लोग ऐसे हैं, जिनका जीवन बचाने की तत्काल आवश्यकता है।

संयुक्त राष्ट्र (यूएन) कार्यालय के मानवीय सहायता का समन्वय देखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि खाद्य आपातकाल होने के साथ ही पानी का भीषण संकट पैदा हो रहा है।                                                              

मौसम विभाग ने भी पूर्वानुमान लगाया है कि साल के अंत में दक्षिण-पश्चिम बलूचिस्तान, ईरान के सीमावर्ती क्षेत्र और अफगानिस्तान में सूखे जैसे स्थिति हो सकती है। अक्टूबर 2020 से मई 2021 तक औसत वर्षा का स्तर बहुत ही निचले स्तर पर पहुंच गया है। बलूचिस्तान के दक्षिणी जिलों के साथ ही 12 में से छह मध्य के जिले सूखे से प्रभावित हैं। इन सभी स्थानों पर निकट भविष्य में हालत सुधरती दिखाई नहीं दे रही है।

Edited By: Manish Pandey