हमलों के बीच होर्मुज से बढ़ा तेल निर्यात, अमेरिकी नौसेना की सुरक्षा में निकल रहे टैंकर
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों पर हमलों का सिलसिला जारी है। इसके बावजूद इस ...और पढ़ें

हमलों के बीच होर्मुज से बढ़ा तेल निर्यात (फोटो- रॉयटर)
HighLights
अगस्त से हर हफ्ते 30 ड्रोन और 10 एंटी-शिप मिसाइल हमलों का दावा
जी7 चार महीने में 10 करोड़ बैरल तेल जारी करेगा, शुरुआती चरण में डीजल पर जोर
डिजिटल डेस्क, न्यूयॉर्क। पश्चिम एशिया में तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों पर हमलों का सिलसिला जारी है। इसके बावजूद इस अहम जलमार्ग से कच्चे तेल का निर्यात हाल के हफ्तों में बढ़कर युद्ध से पहले के स्तर के करीब पहुंच गया है।
अमेरिकी नौसेना की ओर से कुछ तेल टैंकरों को सुरक्षा दिए जाने को इसके पीछे एक प्रमुख वजह माना जा रहा है।
एक पश्चिमी सुरक्षा अधिकारी ने गोपनीय आंकड़ों के हवाले से बताया कि अगस्त की शुरुआत से ईरान हर हफ्ते होर्मुज में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाते हुए करीब 30 ड्रोन और 10 एंटी-शिप मिसाइल हमले कर रहा है।
पिछले 10 दिनों में कम से कम चार व्यापारिक जहाजों को नुकसान पहुंचने की बात भी कही गई है। हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक कई हमले अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सके।
ईरान की पकड़, जहाजों की आवाजाही जारी
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड की ओर से दक्षिणी तट पर हो रहे धमाकों के पीछे उसकी भूमिका की पुष्टि किए जाने का दावा किया गया है। इसके बावजूद होर्मुज से तेल टैंकरों की आवाजाही पूरी तरह नहीं रुकी है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे बड़े तेल निर्यातक देशों के जहाजों को अमेरिकी नौसेना की सुरक्षा मिलने से आवागमन जारी है।
कुछ जहाज ओमान के समुद्री क्षेत्र से अमेरिकी नौसेना के बताए रास्ते से गुजर रहे हैं। कुछ जहाजों के ट्रांसपोंडर बंद करके गुजरने की बात भी सामने आई है। विश्लेषकों का मानना है कि ऐसी व्यवस्था लंबे समय तक टिकाऊ नहीं हो सकती।
खाड़ी में अमेरिका ने बढ़ाई ताकत
अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की भी घोषणा की है। राष्ट्रपति ट्रंप के मुताबिक, क्षेत्र में तीसरा विमानवाहक पोत और करीब 10 हजार अतिरिक्त सैनिक भेजे जा रहे हैं। इससे खाड़ी में अमेरिकी सैन्य ताकत और बढ़ेगी।
जी7 जारी करेगा 10 करोड़ बैरल तेल
एपी के अनुसार, जी7 देशों ने बढ़ती ईंधन कीमतों पर काबू पाने के लिए अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के समन्वय में चार महीने में 10 करोड़ बैरल तेल जारी करने पर सहमति जताई है। इसमें शुरुआती 20 दिनों में बड़ी मात्रा में डीजल जारी किया जाएगा।
जी7 के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह कदम ऊर्जा आपूर्ति और बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए उठाया गया है। अमेरिका में शुक्रवार को डीजल की औसत कीमत 6.37 डॉलर प्रति गैलन रही। एएए के अनुसार, 22 सितंबर को यह 6.52 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी।
