स्टॉकहोम, एएफपी। ब्रह्माांड के विकासक्रम और अनंत ब्रह्माांड में हमारी स्थिति को समझने की दिशा में अहम शोध करने वाले तीन वैज्ञानिकों को इस साल भौतिकी के नोबेल के लिए चुना गया है। इनमें कनाडाई मूल के अमेरिकी अंतरिक्ष वैज्ञानिक जेम्स पीबल्स और स्विट्जरलैंड के मिशेल मेयर व डिडियर क्यूलोज शामिल हैं। शोध की महत्ता को देखते हुए पीबल्स को पुरस्कार की आधी राशि मिलेगी। शेष आधी राशि अन्य दोनों वैज्ञानिकों में बराबर बांटी जाएगी।

भौतिकी और रसायन के नोबेल पुरस्कारों की जिम्मेदारी संभालने वाली रॉयल स्वीडिश अकेडमी ऑफ साइंसेज के महासचिव प्रोफेसर गोरन हेंसन ने बताया कि पीबल्स की खोज से हमें यह समझने में मदद मिली कि बिग बैंग के बाद ब्रह्माांड का विकास कैसे हुआ। इस खोज के लिए उन्हें कुल पुरस्कार की आधी राशि यानी 45 लाख स्वीडिश क्रोनर (करीब 3.23 करोड़ रुपये) दी जाएगी। अक्टूबर, 1995 में हमारी सौर व्यवस्था के बाहर पहले ग्रह (एक्सोप्लेनेट) की खोज करने वाले मेयर और क्यूलोज को बाकी राशि में से बराबर पुरस्कार मिलेगा। विजेताओं का चयन करने वाली ज्यूरी ने कहा कि इन खोजों ने ब्रह्माांड को लेकर हमारी पूरी अवधारणा को बदलकर रख दिया।

पीबल्स अमेरिका की प्रिंसटन यूनिवर्सिटी में अल्बर्ट आइंस्टीन प्रोफेसर ऑफ साइंस के तौर पर कार्यरत हैं। वहीं मेयर और क्यूलोज यूनिवर्सिटी ऑफ जेनेवा के प्रोफेसर हैं। क्यूलोज ब्रिटेन की कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से भी जुड़े हैं।

पिछले साल भी रहे थे तीन विजेता

पिछले साल अमेरिका के आर्थर अश्किन, फ्रांस के गेरार्ड मौरू और अमेरिका की डोना स्टि्रकलैंड को लेजर से जुड़ी खोज के लिए भौतिकी का नोबेल मिला था। 1903 में मैरी क्यूरी और 1963 में जर्मन मूल की अमेरिकी वैज्ञानिक मारिया ग्योपर्ट मेयर के बाद स्टि्रकलैंड भौतिकी का नोबेल पाने वाली तीसरी महिला वैज्ञानिक हैं।

आज रसायन विज्ञान के विजेता का नाम आएगा सामने

सोमवार को चिकित्सा क्षेत्र के नोबेल विजेताओं के एलान के साथ इस साल के नामों की घोषणा का दौर शुरू हुआ है। बुधवार को रसायन विज्ञान के क्षेत्र में और गुरुवार को साहित्य के क्षेत्र में नोबेल जीतने वालों के नाम का एलान किया जाएगा। पिछले साल विवाद के चलते स्थगित होने के कारण इस 2018 और 2019 दोनों वर्षो के लिए साहित्य का नोबेल दिया जाना है। शुक्रवार को शांति का नोबेल जीतने वाले का नाम बताया जाएगा। 14 अक्टूबर को अर्थशास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार विजेता के एलान के साथ इस साल के विजेताओं की घोषणा का क्रम पूरा होगा। 10 दिसंबर को अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि पर स्टॉकहोम में चिकित्सा, भौतिकी, रसायन, साहित्य व अर्थशास्त्र का नोबेल और ओस्लो में शांति का नोबेल दिया जाएगा।

ग्रेटा के नाम पर लगा दांव

इस बार शांति के नोबेल के लिए सट्टेबाजों ने युवा पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग के नाम पर दांव लगाया है। पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र के पर्यावरण सम्मेलन में ग्रेटा ने अपने संबोधन से पूरी दुनिया को झकझोर दिया था। 16 वर्षीय ग्रेटा एस्पर्जर सिंड्रोम से पीडि़त हैं। यह विकार ऑटिज्म की शुरुआती स्थिति है। ग्रेटा ने अपने तीखे भाषण में वैश्विक नेताओं पर यह आरोप लगाया था कि वे जलवायु परिवर्तन पर कुछ करने में विफल रहे हैं।

Posted By: Krishna Bihari Singh

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