वाशिंगटन, पीटीआइ। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की वैश्विक चुनौती से लड़ने के लिए भारत की प्रतिबद्धता साहसिक है और बाकि राष्ट्रों के बीच सर्वश्रेष्ठ है। सीतारमण ने बुधवार को यहां अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) के मुख्यालय में वैश्विक निवेशकों के साथ बातचीत करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए भारत ने अक्षय ऊर्जा उत्पादन (Renewable energy)पर ध्यान केंद्रित किया है।

सीतारमण ने अमेरिका के भारतीय वाणिज्य मंडल के साथ फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) द्वारा आयोजित इंटरएक्टिव सत्र के दौरान कहा, 'जलवायु परिवर्तन के प्रति भारत की प्रतिबद्धता बहुत ही साहसिक थी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पेरिस, COP21 में आए। बता दें कि जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसीसी) के दलों (सीओपी 21) के सम्मेलन का 21 वां सत्र 30 नवंबर से 12 दिसंबर 2015 तक पेरिस में आयोजित किया गया था जिसमें 195 देशों की भागीदारी देखी गई थी।

सीतारमण ने कहा कि जहां भारत 10 और 15 की स्थिति में पाया जा सकता है या कार्बन उत्सर्जन के मामले में और भी नीचे हो सकता है, लेकिन जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए प्रतिबद्धता के मामले में किसी भी देशों के बीच सबसे अच्छा है। उन्होंने कहा कि, भारत द्वारा दी गई प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए, हमने वास्तव में अक्षय ऊर्जा की पीढ़ी पर ध्यान केंद्रित किया है।'

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