वेलिंगटन, एएफपी। न्‍यूजीलैंड ने शुक्रवार को नया कानून पेश किया। इसके अनुसार, केवल उपयुक्‍त लोग (fit and proper) ही बंदूक या राइफल रख सकेंगे। यह कानून क्राइस्‍टचर्च शहर के मस्‍जिद पर हमले के बाद लाया गया है जिसमें 51 मुस्‍लिम नागरिकों की मौत हो गई थी।

मार्च में गोलीबारी के बाद प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डर्न ने तुरंत मिलिट्री स्‍टाइल वाले सेमी-ऑटोमैटिक राइफलों पर रोक लगा दी थी और कहा था कि काला बाजारी को रोकने के लिए आगे और प्रतिबंधों की जरूरत होगी। कानून को पेश करते हुए शुक्रवार को उन्‍होंने कहा, ‘हथियार रखना सुविधा या छूट है, अधिकार नहीं। इसका मतलब कि हमें वह सब करने की जरूरत है जिससे इमानदार और कानून का पालन करने वाले नागरिकों को ही हथियारों का लाइसेंस मिल सके और केवल वे ही इनका इस्‍तेमाल कर सकें।’

नए कानून के तहत, एक रजिस्‍ट्री की व्‍यवस्‍था की जाएगी ताकि देश में वैध रूप से हथियारों को रहने वाले हर नागरिक को ट्रैक किया जा सके। इस कानून के तहत उठाए गए कदम में बगैर लाइसेंस वाले व्‍यक्‍ति को हथियारों की सप्‍लाई या फिर इसकी बिक्री पर तीन माह से दो साल तक के कैद की सजा हो सकती है।

यह पुलिस निर्णय लेगी कि बंदूक रखने के लिए कौन फिट और उपयुक्‍त है। रजिस्‍टर में न्‍यूजीलैंड के आंकड़ों के अनुसार 1.2 मिलियन हथियार रखने वालों की जानकारी होगी। इस रजिस्‍टर को पूरा होने में पांच साल का समय लगेगा। न्‍यूजीलैंड के गृहमंत्री स्‍टुअर्ट नैश ने बताया कि मौजूदा बंदूक कानून 1983 में आया था और इसे अपडेट करने की जरूरत थी। आरोपी क्राइस्‍टचर्च का हमलावर ब्रेंटन टारंट ने वैध तरीके से राइफलों का जखीरा हासिल किया था।

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Posted By: Monika Minal

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