नई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। सुपरसोनिक विमान में यात्रा का सिलसिला जल्द ही फिर से शुरू हो सकता है।विमान बनाने वाली कंपनी बूम सुपरसोनिक ने अपने नए मैक 2.2 विमान को Overture का नाम दिया है। कंपनी ने घोषणा की है कि यह विमान इस वर्ष के अंत तक उड़ान भर लेगा। इसके अलावा इसका हाफ साइज प्रोटोटाइप जिसको XB-1 का नाम दिया गया है, पहले ही दुनिया के सामने आ जाएगा। बूम सुपरसोनिक के मुताबिक इस विमान को बनाने के लिए 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश करने की बात है।

विमान की खासियत
Overture एक 55 सीटर विमान होगा। ये विमान आवाज़ की दोगुनी गति से उड़ने में सक्षम होगा। विमान एक बार में 8336.4 किलोमीटर तक उड़ सकने में सक्षम होगा। ये विमान लंदन से न्‍यूयॉर्क की दूरी को तीन घंटे पचास मिनट में पूरी कर लेगा। ये लगभग आधे से भी कम समय में 5,585 किलोमीटर की हवाई दूरी को पूरा कर लेगा। वर्तमान समय में लंदन से न्यूयोर्क के बीच की दूरी तय करने के लिए विमान आठ घंटे से ज़्यादा का समय लेते हैं। इस प्रोजेक्ट में स्टीव जॉब्स के पत्नी लॉरेन पॉवेल जॉब्स की पत्नी ने भी निवेश किया है।

किराया भी नहीं होगा ज्‍यादा
इस विमान का किराया भी बहुत ज़्यादा नहीं होगा। इसमें यात्रा करने के लिए उतने ही पैसे खर्च करने होंगे जितने बिज़नेस क्लास के टिकट के लिए खर्च करने होते हैं। इस तरह ये विमान हवाई यात्रियों के लिए जेब पर ज़्यादा बोझ डालने वाला साबित नहीं होगा। कम दाम के चलते सुपरसोनिक जहाज़ में यात्रा करना हवाई यात्रियों के लिए संभव होगा। कंपनी का लक्ष्य तेज़ गति की विमान यात्रा सबको उपलब्ध कराना है। Overture विमान अपने पूर्ववर्ती विमान कॉन्कर्ड की तुलना में कम आवाज़ करने वाला है। तीन इंजन वाला ये जहाज़ एक अन्य सोनिक विमान की तुलना में 30 % कम आवाज़ करने वाला है । 

कॉनकॉर्ड की याद
इसके पहले कॉन्‍कॉर्ड सुपरसोनिक यात्री हवाई जहाज़ था। कॉन्कर्ड पहली बार 1976 में सेवा में शामिल होने के बाद 27 साल बाद तक अपनी सेवा प्रदान करता रहा था। कॉन्कर्ड को ब्रिटेन और फ्रांस ने मिलकर तैयार किया था। ये जहाज़ आवाज़ की जाती की दोगुनी गति से उड़ सकता था। कॉन्‍कॉर्ड  एक घंटे में 2,180 किलोमीटर की यात्रा तय कर सकता था। इस विमान में 92 से 128 यात्री एक बार में विमान में यात्रा कर सकते थे। अपने 27 साल के सेवाकाल में कॉन्‍कॉर्ड केवल एक बार दुर्घटना का शिकार हुआ था। साल 2000 में 25 जुलाई को एयरफ्रांस का विमान पेरिस के चार्ल्स-द-गॉल एयरपोर्ट से न्यूयोर्क की उड़ान के दौरान क्रैश हो गया था। इस दुर्घटना में 100 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गयी थी। इसके बाद विमान न क्षेत्र में मंदी के बाद कॉन्कर्ड ने 2003 में अपनी सेवा बंद कर दी थी।

Posted By: Kamal Verma