लास वेगास (एजेंसी)। नेवादा में पिछले 12 सालों से एक कैदी की मौत की सजा रुकी हुई है, इसका कारण एक दवाई कंपनी है। डोजियर दो हत्याओं में दोषी है और वह मौत की सजा चाहता है लेकिन कोर्ट ने उसकी सजा को टाल दिया है। क्योंकि एक दवा निर्माता कंपनी ने इसके खिलाफ मुकदमा दायर किया है। कंपनी का कहना है कि उसने दवाईयों का निर्माण लोगों की जान बचाने के लिए किया है न कि लोगों को मौत देने के लिए।

बता दें कि इससे पहले भी नवंबर में डोजियर की मौत की सजा को टाल दिया गया था। डोजियर कोर्ट के इस फैसले से निराश है। उसका कहना है कि इस तरह पूरा जीवन जेल में बिताने से अच्छा है मौत की सजा। इससे पहले वह जेल में आत्महत्या की कोशिश भी कर चुका है। जेल की प्रवक्ता ब्रुक सैंटिना ने कहा कि अधिकारियों को डोजियर के समय-समय पर मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन कराने और सावधानी बरतने के लिए रखा गया था। नवंबर में मौत की सजा टल जाने के बाद उसने आत्महत्या की भी कोशिश की थी। डोजियर के वकील एरिक्सन ने कहा कि बुधवार रात तक वह फांसी के लिए तैयार था। लेकिन लगभग छह घंटे पहले पता चला कि सजा को फिर से स्थगित कर दिया गया है।

दवाई निर्माता कंपनी ने नेवादा राज्य अदालत में एक मुकदमा दायर किया है, जिसमें दवाई का अवैध रूप से उपयोग करने का आरोप लगाया है। कंपनी के इस मुकदमें ने नेवादा को अपने विकल्पों का पुन: मूल्यांकन करने पर मजबूर कर दिया और इसके साथ ही वहां एक नई बहस छिड़ गई है। अब इस बात पर विचार किया जा रहा है कि दवा कंपनी की इजाजत के बिना कैसे दवाई का इस्तेमाल मौत की सजा देने के लिए किया जा सकता है। बता दें कि नेवादा के 31 राज्यों में मौत की सजा देने के लिए जहरीली दवा का इस्तेमाल किया जाता है।

Posted By: Arti Yadav