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'मेरा नाम सिंह है और मैं कोई बुरा ट्रक ड्राइवर नहीं हूं', ट्रंप सरकार के नस्लवादी पोस्टर पर सिख-अमेरिकी की दो टूक

Published: Fri, 11 Sep 2026 10:27 AM (IST)Updated: Fri, 11 Sep 2026 10:34 AM (IST)

अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) के एक पोस्टर ने सिख समुदाय को आहत किया, जिसमें 'सिंह' उपनाम को निशाना बनाया गया था।

ट्रंप प्रशासन के पोस्टर पर सिख समुदाय का गुस्सा

ट्रंप प्रशासन के पोस्टर पर सिख समुदाय का गुस्सा

HighLights

  1. DHS के पोस्टर ने सिख समुदाय की भावनाओं को बुरी तरह आहत किया।

  2. पोस्टर में 'सिंह' उपनाम पर टिप्पणी।

  3. रंजीत सिंह पुरी ने 'सिंह' को गर्व का प्रतीक बताया।

डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिकी प्रशासन के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) की तरफ से जारी किए गए पोस्टर ने सिख समुदाय की भावनाओं को बुरी तरह आहत किया है। भारतीय-अमेरिकियों को निशाना बनाने वाले इस पोस्टर में परिणाम भुगतने जैसी चेतावनी दी गई थी। हालांकि बाद में ये पोस्ट डिलीट कर दी गई।

मिशिगन के डेमोक्रेट रंजीत सिंह पुरी ने DHS के पोस्ट पर नाराजगी जताते हुए बुधवार को कहा कि यह पोस्ट उनके लिए निजी तौर पर मायने रखती है।

मेरा नाम सिंह है और मुझे गर्व है

रंजीत सिंह पुरी ने कहा, 'एक गर्वित सिख-अमेरिकी के तौर पर, मेरा मिडिल नेम सिंह है। मेरे बेटों का भी यही है। यह कोई मजाक या पंचलाइन नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा सरनेम है जिसे दुनिया भर में लाखों सिख गर्व के साथ अपनाते हैं, उनकी पीढ़ियों ने इस देश की सेवा की है, कारोबार खड़े किए हैं और हमारे लोकतंत्र की नींव को मजबूत किया है।'

इस विवाद ने प्रमुख सिख रिपब्लिकन नेताओं की ओर भी ध्यान खींचा है। US में सिख-अमेरिकियों की राजनीतिक और सामाजिक मौजूदगी सिर्फ ट्रकिंग के क्षेत्र तक ही सीमित नहीं है। 2004 में, चिरंजीव कथूरिया पगड़ी पहनकर अमेरिकी सीनेट का चुनाव लड़ने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी बने थे।

अमेरिका में किया सिखों को लेकर फर्क

अमेरिकी प्रशासन की तरफ से जारी पोस्ट से ये बताया गया कि ट्रकिंग, बिजनेस और सार्वजनिक जीवन में सिखों की मौजूदगी बहुत ज्यादा है। इस समुदाय का प्रभाव सिर्फ ड्राइविंग तक ही सीमित नहीं है। कई शुरुआती ड्राइवर मालिक-ऑपरेटर बने और बाद में फ्लीट के मालिक बन गए।

ट्रक ड्राइवरों की पहचान धर्म के आधार पर करने वाले कोई फेडरल आंकड़े नहीं हैं, लेकिन नॉर्थ अमेरिकन पंजाबी ट्रकिंग एसोसिएशन (NAPTA) का अनुमान है कि अमेरिकी ट्रक ड्राइवरों में लगभग 20% और वेस्ट कोस्ट पर लगभग 40% सिख हैं। इस तरह, पूरे देश में सिख ट्रक ड्राइवरों की संख्या लगभग 150,000 है।

सिख समुदाय के अनुभवी लोगों के लिए, इमिग्रेशन (प्रवास) नियमों को लागू करने, कमर्शियल ड्राइवर लाइसेंस, अंग्रेजी भाषा की जानकारी, लाइसेंस से जुड़ी धोखाधड़ी और हाईवे सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बहस जायज है। लेकिन उनका कहना है कि बात तब बदल जाती है जब कोई फेडरल एजेंसी लाखों लोगों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सरनेम को अक्षमता का प्रतीक बना देती है।

सिख समुदाय का कहना है, जिस समुदाय ने अमेरिकी सड़कों, खेतों, व्यवसायों और संस्थानों में अपनी जगह बनाने में एक सदी से ज्यादा का समय बिताया हो, उसके लिए यह फर्क बहुत मायने रखता है।

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