अमेरिका के मिनेसोटा में हिंदूफोबिया के खिलाफ प्रस्ताव को मिला भारी समर्थन
अमेरिका के मिनेसोटा राज्य में हिंदूफोबिया और हिंदू विरोधी कट्टरता की निंदा करने वाला एक प्रस्ताव तेजी से समर्थन प्राप्त कर रहा है।

मिनेसोटा में गूंजा हिंदूफोबिया का मुद्दा(फाइल फोटो)
HighLights
मिनेसोटा सीनेट में हिंदूफोबिया के खिलाफ प्रस्ताव पेश
400 से अधिक हिंदू समुदाय सदस्यों का समर्थन प्राप्त
धार्मिक स्वतंत्रता, भेदभाव रोकने पर प्रस्ताव केंद्रित
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका के मिनेसोटा राज्य में हिंदूफोबिया और हिंदू विरोधी कट्टरता की निंदा करने वाला एक ऐतिहासिक प्रस्ताव तेजी से अपनी जगह बना रहा है। राज्य की सीनेट में पेश किए गए इस प्रस्ताव को हिंदू समुदाय के 400 से अधिक सदस्यों का समर्थन मिला है।
सांसदों ने हिंदू अमेरिकियों को निशाना बनाने वाली बढ़ती घटनाओं पर गंभीर गवाही सुनी है और इसे औपचारिक रूप से मान्यता देने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ बढ़ती नफरत
यह कदम ऐसे समय में आया है जब अमेरिका के विभिन्न राज्य अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ बढ़ती नफरत को रोकने के लिए विशिष्ट प्रस्ताव ला रहे हैं। मिनेसोटा में भारतीय मूल के लोगों की बढ़ती संख्या अब नागरिक अधिकारों और समावेशिता की चर्चाओं में अधिक सक्रिय भूमिका निभा रही है।
बढ़ती घटनाएं व संस्थागत पहचान की मांग नौ मार्च को मिनेसोटा सीनेट में पेश किए गए इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य हिंदू अमेरिकियों द्वारा सामना किए जा रहे भेदभाव को पहचानना और धार्मिक स्वतंत्रता तथा बहुलवाद के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दोहराना है।
हिंदू संस्थानों में की गई तोड़फोड़
'कोएलिशन ऑफ हिंदुज ऑफ नार्थ अमेरिका' नामक संगठन इस मुहिम का नेतृत्व कर रहा है। सीनेट की न्यायपालिका और सार्वजनिक सुरक्षा समिति के सामने समुदाय के नेताओं ने एडिना के एक मंदिर में हेट स्पीच, मेपल ग्रोव में पुजारियों के घरों में चोरी और हिंदू संस्थानों में की गई तोड़फोड़ की घटनाओं का विवरण दिया।
संगठन की (मिनेसोटा चैप्टर) निदेशक नेहा मार्कंड ने कहा, ''सांसदों से संस्थागत मान्यता मिलना यह आश्वासन देने के लिए महत्वपूर्ण है कि समुदाय का दर्द देखा जा रहा है।''
अंतरधार्मिक समर्थन और व्यापक प्रभाव इस प्रस्ताव को अन्य धर्मों का भी साथ मिल रहा है। 'जेविश कम्युनिटी रिलेशंस काउंसिल' के डिप्टी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईथन राबर्ट्स ने कहा कि हिंदू समुदाय को स्पष्ट रूप से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि जब नफरत को कम करके आंका जाता है, तो खतरा बढ़ जाता है, इसलिए इस प्रस्ताव का पारित होना जरूरी है।
हिंदू विरोधी दुष्प्रचार और हिंसा
समर्थकों ने 2022 की रटगर्स यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट का भी हवाला दिया, जिसमें इंटरनेट मीडिया पर हिंदू विरोधी दुष्प्रचार और वास्तविक हिंसा की चेतावनी दी गई थी। मिनेसोटा में रहने वाले 400 से अधिक लोगों ने पत्र लिखकर सांसदों से प्रस्ताव का समर्थन करने का आग्रह किया है।
इस पत्र में हिंदू-विरोधी भावना के प्रति अधिक जागरूकता, घृणास्पद घटनाओं की बेहतर रिपोर्टिंग व्यवस्था और भेदभाव-विरोधी पहलों में हिंदू समुदाय की अधिक भागीदारी की मांग की गई है।
सीनेट प्राइमरी में राजा कृष्णमूर्ति ने अपनी हार स्वीकार की इलिनाय डेमोक्रेटिक सीनेट प्राइमरी में राजा कृष्णमूर्ति ने अपनी हार स्वीकार करते हुए लेफ्टिनेंट गवर्नर जुलियाना स्ट्रैटन को बधाई दी है। कड़े मुकाबले के बीच, 85 प्रतिशत वोटों की गिनती होने पर स्ट्रैटन छह प्रतिशत से आगे थीं।
ट्रंप के मुखर आलोचक कृष्णमूर्ति ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि स्ट्रैटन निवर्तमान सीनेटर डिक डर्बिन की विरासत को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाएंगी।
यह भी पढ़ें- हावर्ड में संस्कृत का कोर्स और 'हिंदूफोबिया' का आरोप... इंटरनेशनल लेवल पर मचा हंगामा
