ह्यूस्टन, पीटीआई : विदेश राज्यमंत्री वी. मुरलीधरन ने कहा है कि अमेरिका स्थित भारतवंशी समुदाय ने दोनों देशों के बीच संबंधों को और गहरा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार भारतवंशी अमेरिकी निकायों के साथ संपर्क मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। ह्यूस्टन में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए मुरलीधरन ने कहा कि भारतवंशी द्विपक्षीय संबंध में एक मजबूत स्तंभ की तरह हैं। विदेश राज्यमंत्री ह्यूस्टन में भारतीय वाणिज्यदूत की ओर से आजादी के अमृत महोत्सव के तहत सोमवार रात आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इसका आयोजन भारत की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने को लेकर सरकार की तरफ से किया जा रहा है।

मुरलीधरन ने कहा, 'इन आयोजनों के दौरान हम प्रवासी समुदाय से संपर्क बढ़ाने में जुटे हैं, क्योंकि यह एक वैश्विक उत्सव है। सदियों पुराने सभ्य व्यवहार, परंपराओं और मूल्यों को बरकरार रखते हुए एक आधुनिक राष्ट्र के रूप में हमारी उपलब्धियों को संजोने का अवसर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारतीयों को ऐसे जीवंत सेतु के रूप में देखते हैं जो भारत को शेष विश्व से जोड़ेगा।'

मंत्री ने अगले 25 वर्षों में भारत के लिए प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को भी साझा किया। वर्ष 2047 में भारत को अंग्रेजों से आजादी मिले सौ वर्ष हो जाएंगे। भारत सरकार ने इस चरण को ‘‘अमृतकाल’’ कहा है, जहां भारत को अपनी प्रौद्योगिकी, व्यापार, जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में बदलाव तथा अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए दृढ़ होना है।

मुरलीधरन ने कहा, ‘‘यूक्रेन संकट के मद्देनजर गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के सरकार के निर्णय पर हाल में चर्चा हुई। हमने कहा कि हम दुनिया को बचाने के लिए, जरूरतमंदों की मदद के लिए, उन पड़ोसी मुल्कों के लिए जिन्हें जरूरत है, प्रतिबंध लगाना चाहते हैं लेकिन दुनिया के कुछ स्थानों पर इसे अलग तरीके से पेश किया जा रहा है।’’

भारत अन्य देशों के साथ मिलकर वैश्विक खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, खासतौर पर उन देशों में जो संघर्षों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक खाद्य सुरक्षा को बढ़ाने में अपनी भूमिका जरूर निभाएगा। मुरलीधरन न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र की एक बैठक में शामिल होने के लिए अमेरिका गए थे।

Edited By: Praveen Prasad Singh