वाशिंगटन, आइएएनएस। कंप्यूटर चिप बनाने वाली दुनिया की अग्रणी कंपनी इंटेल और जेनेवा की सेमीकंडक्टर बनाने वाली कंपनी एसटी माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स (एसटीएम) के बनाए चिप में सुरक्षा से जुड़ी बड़ी खामी का पता लगा है। शोधकर्ताओं की एक अंतरराष्ट्रीय टीम का कहना है कि इस खामी से अरबों लैपटॉप, सर्वर, टेबलेट और कंप्यूटर की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया है। यह खामी ऐसे टैंपर रजिस्टेंट चिप में मिली है, जिन्हें बहुत सुरक्षित मानते हुए पिछले 10 साल से लैपटॉप, स्मार्टफोन और टेबलेट आदि में प्रयोग किया जा रहा है। हालांकि शोधकर्ताओं ने बताया कि दोनों कंपनियों ने इन खामियों को अब दूर कर लिया है।

एनक्रिप्टेड की हुई जानकारियां चुराना भी संभव

इलेक्ट्रिकल एवं कंप्यूटर इंजीनियरिंग के प्रोफेसर बर्क सुनार ने कहा, ‘इस चिप को भरोसे का प्रतीक माना जाता रहा है। अगर कोई हैकर इस चिप में सेंध लगा ले तो एक तरह से उसके हाथ चाबी लग जाएगी।’ शोधकर्ताओं ने ट्रस्टेड प्लेटफॉर्म मॉड्यूल यानी टीपीएम में दो खामियों का पता लगाया था। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के तहत टीपीएम का इस्तेमाल हार्डवेयर ऑथेंटिकेशन और कुछ अन्य महत्वपूर्ण एनक्रिप्शन को सुरक्षित रखने के लिए होता है। जिन खामियों का पता लगा है, उनकी मदद से हैकर्स के लिए टीपीएम में सेंध लगाकर कंप्यूटर के ऑपरेटिंग सिस्टम तक पहुंचना और एनक्रिप्टेड की हुई जानकारियां चुराना भी संभव हो सकता था। इनकी मदद से ऑपरेटिंग सिस्टम की सुरक्षा दांव पर लग सकती थी।

बर्क सुनार और डेनियल मोगिमी की शोधकर्ताओं की अंतरराष्ट्रीय टीम ने एक खामी इंटेल के टीपीएम फर्मवेयर में और दूसरी खामी एसटी माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स के टीपीएम में खोजी है। खामी का पता लगने के बाद कंपनियों को अवगत कराया गया था। मोगिमी का कहना है कि कंपनियों ने इन खामियों से निपटने के लिए सिक्योरिटी पैच बना लिया है। इस संबंध में कोई आंकड़ा नहीं है कि इन खामियों की वजह कोई कंप्यूटर हैक हुआ है या नहीं। शोधकर्ताओं ने कहा कि कंपनियां भले ही अपनी सफाई में कळ्छ भी कहें लेकिन यह चिंताजनक जरूर है।

Posted By: Sanjay Pokhriyal

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