वाशिंगटन, एजेंसियां। संसद पर हमले को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर उनकी रिपब्लिकन पार्टी के सदस्य बंट गए हैं। संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा के पांच सदस्यों ने ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने का एलान किया है, जबकि उच्च सदन सीनेट के सदस्यों ने ट्रंप का समर्थन किया है। इस बीच, प्रतिनिधि सभा में महाभियोग प्रस्ताव पर बहस के दौरान कई सदस्यों ने भावुक बातें कही।

प्रतिनिधि सभा की स्पीकर पेलोसी ने कहा- ट्रंप को हटाया जाना चाहिए

प्रतिनिधि सभा की स्पीकर और डेमोक्रेटिक पार्टी की सदस्य नैंसी पेलोसी ने कहा कि ट्रंप को हटाया जाना चाहिए, क्योंकि वह अमेरिका के लिए स्पष्ट खतरा बन गए हैं। प्रतिनिधि सभा में जिन रिपब्लिकन सदस्यों ने समर्थन का एलान किया है, उनमें जॉन काटको, लिज चेनी, एडम किंजिंगर, फ्रेड अप्टॉन और जेमी ब्यूटलर शामिल हैं। न्यूयॉर्क से सांसद काटको महाभियोग का समर्थन करने वाले पहले रिपब्लिकन हैं। चेनी ने मंगलवार शाम कहा कि वह महाभियोग के पक्ष में मतदान करेंगी।

रिपब्लिकन पार्टी के कुछ सदस्यों ने ट्रंप के खिलाफ महाभियोग का समर्थन का किया एलान

ट्रंप के आलोचक एडम ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति ने आक्रोशित भीड़ को संसद पर हमले के लिए उकसाया था। अप्टॉन ने एक बयान जारी कर कहा कि वह भी प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करेंगे। जबकि जेमी ने बताया, 'मैं महाभियोग के लिए मतदान करूंगी, क्योंकि मेरा मानना है कि ट्रंप ने राष्ट्रपति पद की शपथ का उल्लंघन किया है।'

सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के कुछ सदस्यों ने ट्रंप से पद छोड़ने की अपील की

हालांकि, अमेरिकी संसद कांग्रेस के उच्च सदन सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के सदस्यों ने अभी तक ट्रंप के खिलाफ मतदान करने की बात नहीं कही है। पार्टी के सिर्फ दो सदस्यों ने उनसे पद छोड़ने की अपील की है। ट्रंप के खिलाफ महाभियोग के प्रस्ताव को पास करने के लिए जरूरी है कि सीनेट की उस पर मुहर लगे और इसके लिए 100 सदस्यीय सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के 17 सदस्यों को ट्रंप के खिलाफ मतदान करना होगा।

सीनेट की बैठक 19 जनवरी को होगी, 20 जनवरी को बाइडन राष्ट्रपति पद की लेंगे शपथ

मौजूदा हालात में यह संभव नहीं लग रहा। इसके अलावा सीनेट की अगली बैठक 19 जनवरी को होनी है, जबकि 20 जनवरी को ट्रंप के कार्यकाल का आखिरी दिन होगा और जो बाइडन राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। हालांकि, शुक्रवार को भी सीनेट की बैठक बुलाई जा सकती है। कुछ सदस्यों ने महाभियोग प्रस्ताव पर बहस के लिए सदन की बैठक पहले बुलाने की मांग भी की है।

ट्रंप के यूट्यूब चैनल पर भी रोक

यूट्यूब ने ¨हसा के खतरे के मद्देनजर राष्ट्रपति ट्रंप के चैनल पर एक हफ्ते के लिए रोक लगा दी है। इसका मतलब यह हुआ कि ट्रंप अब कोई नया वीडियो यूट्यब पर अपलोड नहीं कर पाएंगे। उनके चैनल के 28 लाख सब्सक्राइबर हैं। गूगल के स्वामित्व वाले इस वीडियो साइट ने कहा कि ट्रंप के हालिया वीडियो ने उसकी नीति का उल्लंघन किया। इसी के चलते यह कदम उठाया गया है। इससे पहले ट्विटर ने अपने प्लेटफार्म से ट्रंप के अकाउंट को हमेशा के लिए हटा दिया था।

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