कनाडा-EU की दोस्ती पर भड़के ट्रंप, बोले- लगा दूंगा भारी टैरिफ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय संघ (ईयू) को चेतावनी दी है कि अगर वह कनाडा को अपना सहयोगी सदस्य ...और पढ़ें

ट्रंप ने कनाडा को ईयू सहयोगी सदस्य बनाने पर चेतावनी दी
HighLights
ट्रंप ने ईयू को कनाडा को सहयोगी सदस्य बनाने पर चेतावनी दी।
ईयू अध्यक्ष उर्सुला वान डेर लेयेन ने प्रस्ताव पेश किया था।
कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया।
डिजिटल डेस्क ब्रसेल्स। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय संघ (ईयू) को चेतावनी दी है कि अगर वह कनाडा को ब्लाक का पहला सहयोगी सदस्य बनाने के यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वान डेर लेयेन के प्रस्ताव पर आगे बढ़ता है, तो वे ईयू के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। वान डेर लेयेन ने बुधवार को अपने सालाना स्टेट आफ द यूनियन भाषण के दौरान यह प्रस्ताव रखा था।
पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने प्रस्ताव को मजाकिया बताया और कहा, "अगर वे ऐसा करते हैं, और मुझे लगता है कि यह कोई दुश्मनी भरा कदम है, तो मैं बहुत भारी टैरिफ लगाऊंगा या यूरोप के साथ कई चीजों का व्यापार बंद कर दूंगा। अगर इरादा अच्छा है, तो ठीक है।" वहीं, फ्रांस के यूरोप मामलों के मंत्री बेंजामिन हदाद ने कहा कि अमेरिका के पास ईयू के जियोपालिटिकल फैसलों को वीटो करने का कोई अधिकार नहीं है।
प्रस्ताव का कार्नी ने किया स्वागत
एपी के अनुसार, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने गुरुवार को इस प्रस्ताव का स्वागत किया। यूरोपीय संसद में उनके भाषण में यूरोप और कनाडा के बीच सहयोग की बार-बार तारीफ की गई, लेकिन अमेरिका के साथ संबंधों का मुद्दा भी छाया रहा। उन्होंने माना कि एसोसिएट मेंबरशिप (सहयोगी सदस्यता) को अभी परिभाषित किया जाना बाकी है। उन्होंने कहा कि इस करीबी गठबंधन का मकसद कोई ऐसा नया गुट बनाना नहीं है, जो दुनिया की बड़ी ताकतों को टक्कर दे सके। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वह ईयू की पूर्ण सदस्यता नहीं चाहते हैं। हम ऐसा संबंध चाहते हैं ताकि कोई भी हमारे खुले बाजारों को नियंत्रित न कर सके, हमारी संप्रभुता को नुकसान न पहुंचा सके, हमारी क्षेत्रीय अखंडता को खतरा न पहुंचा सके, या हमारी स्वतंत्रता, हमारे लोकतंत्र और हमारे कानून के शासन को कमजोर न कर सके।"
ट्रंप से निपटने के कार्नी के तरीके ने बढ़ाई दिलचस्पी
टोरंटो यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एमेरिटस नेल्सन वाइजमैन ने कहा कि ट्रंप से कार्नी के निपटने के तरीके ने कनाडाई नेता में यूरोप की दिलचस्पी बढ़ा दी है। यूरोपीय लोग लंबे समय से कनाडा को ऐसे देश के तौर पर देखते आए हैं, जो अमेरिका को बहुत अच्छी तरह समझता है। वाशिंगटन की मांगों को तुरंत मानने के बजाय ट्रंप का विरोध करने की कार्नी के कदम ने इस सोच को और मजबूती दी।
रॉयटर्स से मिले इनपुट के मुताबिक
