वाशिंगटन, एएनआइ। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन प्रशासन की तरफ से भारत के भावी राजदूत के रूप में नामित लास एंजिलिस के मेयर एरिक गार्सेटी विवाद में घिर गए हैं। इसी हफ्ते सीनेट से जारी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि गार्सेटी ने अपने एक शीर्ष सहयोगी द्वारा किए गए कथित यौन उत्पीड़न को नजरअंदाज कर दिया था। इससे भारत में अमेरिकी राजदूत का पद संभालने का उनका इंतजार और लंबा हो सकता है।

कई व्हिसल-ब्लोअर ने लगाए गंभीर आरोप

रिपब्लिकन सांसद चक ग्रासली ने 23 पन्नों की विस्तृत जांच रिपोर्ट में कहा है कि गार्सेटी के करीबी सलाहकार व उनके पूर्व डिप्टी चीफ आफ स्टाफ रिक जैकब्स के खिलाफ कई व्हिसल-ब्लोअर ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रासली उन सांसदों में शामिल हैं, जो गार्सेटी को भारत के नए राजदूत के रूप में पुष्टि में विलंब की मांग कर रहे हैं।

यौन उत्पीड़न की घटना की जानकारी रखने से इनकार

गार्सेटी का दफ्तर इस बात से लगातार इन्कार करता रहा है कि मेयर ने यौन उत्पीड़न की किसी घटना को देखा अथवा वह ऐसी वारदात की जानकारी रखते हैं। मेयर की प्रवक्ता डे लेविन के अनुसार, 'रिपोर्ट झूठे आरोपों पर आधारित हैं। ये आरोप निष्पक्ष जांच व समीक्षा में झूठे साबित भी हो चुके हैं।'

जैकब्स को नियुक्त किया था अपना डिप्टी चीफ आफ स्टाफ

रिपोर्ट के अनुसार, 'इस जांच में यह निर्धारित करने की गुंजाइश सीमित है कि मेयर गार्सेटी, जैकब्स द्वारा किए गए यौन उत्पीड़न अथवा दूसरों पर की गई नस्ली टिप्पणी के बारे में जानते थे अथवा नहीं।' रिपोर्ट में कहा गया है कि जैकब्स, गार्सेटी को वर्ष 2003-04 से जानता है। जुलाई 2013 में मेयर बनने के थोड़े ही दिनों बाद गार्सेटी ने जैकब्स को अपना डिप्टी चीफ आफ स्टाफ नियुक्त किया था। 

Edited By: Krishna Bihari Singh