वाशिंगटन, पीटीआइ। अमेरिका के 21 सांसदों के एक द्विदलीय समूह ने सरकार से गुजारिश की है कि वह अंतरराष्ट्रीय छात्रों की सितंबर से शुरू होने वाली कक्षाओं के लिए दाखिला सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए। विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और होमलैंड सुरक्षा मंत्री चाड वोल्फ को लिखे पत्र में सांसदों ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय छात्र और उनके परिवारों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए उल्‍लेखनीय योगदान दिया है। इन्‍होंने साल 2018-19 में अमेरिका की राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में तकरीबन 41 अरब डॉलर की मदद की है।

मालूम हो कि अमेरिका जाने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों में दूसरी बड़ी संख्या भारतीयों की होती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो पाते हैं कि भारत के दो लाख से ज्‍यादा छात्र अमेरिका पढ़ने जाते हैं। मौजूदा वक्‍त में कोरोना संकट के चलते बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय छात्र अमेरिका में ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (Optional Practical Training, OPT) कार्यक्रम के लिए दाखिला लेने में दिक्‍कतों का सामना कर रहे हैं। चूंकि वीजा हासिल करने की प्रक्रिया अभी निलंब‍ित है इसलिए सितंबर में होने वाली कक्षाओं के लिए इनको मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

सांसदों ने कहा है कि इन परेशानियों के चलते अंतरराष्ट्रीय छात्रों का अमेरिका आना प्रभावित हो सकता है। गौर करने वाली बात है कि अमेरिका में ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग कार्यक्रम के जरिए ही अंतरराष्ट्रीय छात्र अमेरिका में काम भी कर सकते हैं। सांसदों ने पत्र में कहा है कि दुनियाभर में अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों के बंद होने से छात्र वीजा के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। इससे अमेरिका को नुकसान हो सकता है। यही नहीं कॉलेज और विश्वविद्यालयों को सितंबर 2020 के लिए अंतरराष्ट्रीय छात्रों के दाखिले में 25 फीसद की गिरावट का सामना करना भी पड़ सकता है। 

Posted By: Krishna Bihari Singh

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