वाशिंगटन, आइएएनएस। अफगानिस्तान में अमेरिका के विशेष दूत जालमे खलीलजाद ने देश की संसद को आतंकी संगठन तालिबान से हुई वार्ता का ब्योरा दिया है। उन्होंने सांसदों को उन परिस्थितियों से भी अवगत कराया, जिनकी वजह से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को वार्ता खत्म करनी पड़ी।

करीब दो दशक से युद्धग्रस्त अफगानिस्तान में शांति के लिए खलीलजाद ने पिछले एक साल के भीतर कतर की राजधानी दोहा में तालिबान के साथ नौ बार बैठक की। नौवें दौर की बैठक के बाद उन्होंने कहा था कि समझौता लगभग तय है। लेकिन पांच सितंबर को काबुल में तालिबान के हमले में अमेरिकी सैनिक समेत 12 लोगों की मौत के बाद ट्रंप ने वार्ता खत्म होने की घोषणा कर दी थी।

विकास और शांति चाहता है अमेरिका

गुरुवार को अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष इलियट एंजेल के सवाल पर कार्यकारी सहायक विदेश सचिव एलिस वेल्स ने कहा, 'हम अफगानिस्तान में विकास और दीर्घकालीन शांति के लिए प्रतिबद्ध हैं। लेकिन इतने भी प्रतिबद्ध नहीं हैं कि एक अनुचित या अतार्किक समझौते का हिस्सा बनें।'

गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते तालिबान के साथ चल रही शांति वार्ता रद कर दी थी। उन्होंने यह कदम अफगानिस्तान में तालिबान के हमले में एक अमेरिकी सैनिक की मौत के बाद उठाया था। उन्होंने यह वार्ता ऐसे समय रद कर थी, जब दोनों पक्ष समझौते की दहलीज पर पहुंच गए थे। अमेरिका और तालिबान के बीच गत दिसंबर से कतर की राजधानी दोहा में शांति वार्ता चल रही थी।

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