वाशिंगटन, एजेंसियां। अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार चुने जाने के अगले ही दिन सीनेटर कमला हैरिस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर फट पड़ीं। उन्होंने कहा कि देश नेतृत्व के लिए रो रहा है। अभी हमारे पास एक ऐसा राष्ट्रपति है, जिसे आम लोगों से ज्यादा अपनी चिंता रहती है। कोरोना संक्रमण के कुप्रबंधन और नस्ली अशांति के लिए ट्रंप प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा रहीं हैरिस अपनी नई भूमिका का ऐतिहासिक महत्व बताना नहीं भूलीं।

देश किस नाजुक दौर से गुजर रहा है

उम्मीदवार बनाए जाने के बाद हैरिस बुधवार को विलिमिंगटन में पहली बार बिडेन के साथ लोगों से मुखातिब हुईं। कोरोना के चलते इस कार्यक्रम में आम लोगों को आने की अनुमति नहीं थी। बिडेन और हैरिस मंच पर मास्क में नजर आए और पत्रकारों के एक समूह को संबोधित किया। दोनों ने कसम खाई कि वे ट्रंप को हटा देंगे। 55 साल की हैरिस ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति बिडेन ने उनके रूप में पहली बार एक अश्वेत महिला प्रत्याशी का चयन कर यह जता दिया कि देश किस नाजुक दौर से गुजर रहा है। ऐसा करके उन्होंने समानता और न्याय के लिए संघर्षरत अमेरिका के भावी इतिहास में अपनी जगह पक्की कर ली है। 

नाकाबिल को चुनने से क्‍या होता है 

बिडेन ऐसे अकेले व्यक्ति हैं, जिन्होंने पहले अश्वेत राष्ट्रपति के साथ काम किया और अब सहयोगी के रूप में पहली अश्वेत महिला का चयन किया है। हैरिस राष्ट्रपति ट्रंप की नाकामियों की पूरी फेहरिस्त लेकर आई थीं। उन्होंने कहा, 'देख लीजिए क्या होता है जब हम किसी ऐसे शख्स को चुन लेते हैं, जो काबिल नहीं होता। हमारा देश अंदरुनी तौर पर बंट गया, दुनिया में हमारी प्रतिष्ठा नहीं रही।' 

ट्रंप-पेंस ने सब तबाह कर दिया

हैरिस ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और उपराष्ट्रपति माइक पेंस की काबिलियत जगजाहिर है। इस जोड़ी ने कई क्षेत्रों को तबाह कर दिया है। इन्होंने हमें कहां लाकर पटक दिया। एक करोड़ 60 लाख लोगों की नौकरी चली गई। लाखों बच्चे वापस स्कूलों में नहीं गए। हर पांच में से एक मां गरीबी और भूख से जूझ रही है। सबसे बड़ी त्रासदी तो यह है कि 1,65,000 लोग असमय दुनिया छोड़ गए। इनमें से कइयों को तो अपनों को अलविदा कहने का भी मौका नहीं मिला। 

हैरिस ने आगे कहा, 'यह सब नहीं होना चाहिए था। छह साल पहले बराक ओबामा और जो बिडेन के कार्यकाल में इबोला वायरस का संक्रमण फैला था। तब केवल दो लोगों की मौत हुई थी। नेतृत्व इसी को कहते हैं। वहीं, ट्रंप कोरोना संक्रमण को रोकने में पूरी तरह नाकाम रहे। उन्होंने इसे कभी गंभीरता से लिया ही नहीं। वे विशेषज्ञों से ज्यादा जानने का मुगालता पाले रहे। ट्रंप की वजह से महामारी पूरे देश में बुरी तरह फैल चुकी है। हर 80 सेकेंड में एक अमेरिकी की मौत हो रही है। इससे देश 1929 की महामंदी जैसे संकट से घिर गया है।'

हर आवाज सुनी जाएगी

हैरिस ने कहा कि यह चुनाव सिर्फ ट्रंप और पेंसु को हराने का नहीं है। यह देश को फिर से खड़ा करने, बेहतर बनाने का है और हम यहीं करेंगे। हम लाखों नई नौकरियां पैदा करेंगे, जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ेंगे। हम महिला अधिकारों की रक्षा करेंगे। हम नस्लवाद को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे। हम सुनिश्चित करेंगे कि हर आवाज सुनी जाए, गिनी जाए। 

हैरिस को ही क्यों चुना

इस मौके पर 77 साल के बिडेन ने हैरिस की तारीफ करते हुए कहा कि वह बखूबी जानती हैं कि कड़े फैसले कैसे लिए जाते हैं। उन्होंने कहा, 'अगर हैरिस और मैं चुना जाता हूं, तो हमें विरासत में एक बंटा हुआ देश और बेतरतीब दुनिया मिलेगी। ऐसे में हम एक मिनट भी जाया नहीं कर सकते। यही वो कारण है, जिसके चलते मैंने हैरिस को चुना। हैरिस पहले दिन से ही जूझने के लिए तैयार हैं।'

हैरिस के नाम पर धन वर्षा

हैरिस को उपराष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बनाने के बाद पार्टी को मिलने वाले चुनावी चंदे में तेजी आ गई है। 24 घंटे के अंदर पार्टी को 2.6 करोड़ डॉलर ( करीब 194 करोड़ रुपये) का फंड मिला है। बिडेन की कैंपेन टीम ने बताया कि यह राशि पहले एक दिन में मिलने वाली रकम से दोगुनी है। 

कमला को पार्टी में भारी समर्थन

रायटर के एक सर्वे के मुताबिक 10 में से नौ डेमोक्रेट्स ने हैरिस के चयन का समर्थन किया है। इस बीच, एक चुनावी सर्वे में बिडेन का समर्थन बढ़ता दिखाया गया है। सोमवार को बिडेन को 6.9 फीसद की बढ़त हासिल थी, जो बुधवार को बढ़कर 7.3 हो गई।

 

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