वाशिंगटन, रायटर। यूक्रेन की सीमा पर बढ़ रहे रूसी सैन्य जमावड़े बीच अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि रूस अगर हमला करता है तो वह उसे (रूस को) बर्बाद करने वाला कदम होगा। अमेरिका और उसके सहयोगी जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार हैं। कार्रवाई में गंभीर आर्थिक प्रतिबंध भी शामिल होंगे, जिनके भयंकर दुष्परिणाम होंगे। जवाब में रूस ने कहा है कि वह यूक्रेन पर हमले की तैयारी नहीं कर रहा। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति की बातों से यूक्रेन को लेकर पैदा स्थिति में कोई बदलाव नहीं आएगा।

पुतिन के साथ बैठक की संभावना भी जताई

गुरुवार को प्रेस कान्फ्रेंस में बाइडन ने यूक्रेन विवाद पर अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक की संभावना भी जताई। कहा कि विवाद खत्म करने के लिए दोनों राष्ट्रपति मिल सकते हैं। इससे पहले दोनों नेता 2021 में दो बार मिल चुके हैं।

...तो रूस को मिलेगा कड़ा जवाब

प्रेस कान्फ्रेंस के बाद व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी जेन साकी ने कहा, रूस के सैनिकों ने यदि यूक्रेन की सीमा को पार किया तो रूस को तत्काल और कड़ा जवाब मिलेगा। लेकिन रूसी अगर आदत के मुताबिक साइबर हमला या अपनी सीमा में रहते हुए नुकसान पहुंचाने वाले कदम उठाते हैं तो उन्हें उसी तरीके से जवाब दिया जाएगा।

उक्रेन को मिला यूरोपीय देशों का भी साथ 

इस बीच अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने लिथुआनिया, लातविया और एस्टोनिया को अमेरिका निर्मित मिसाइल और अन्य हथियार यूक्रेन को देने की अनुमति दे दी है। इससे पहले ब्रिटेन हजारों एंटी टैंक मिसाइलें यूक्रेन को भेज चुका है। यूक्रेन पर रूस के हमले का कड़ा जवाब देने की चेतावनी तो अमेरिका ने दी है लेकिन उसमें सेना के इस्तेमाल को लेकर कोई बात नहीं कही गई है।

...तो चौपट हो जाएगा रूस का अंतरराष्ट्रीय व्यापार

बाइडन ने केवल बेहद कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की बात कही है। संकेत मिले हैं कि बाइडन प्रशासन रूस पर ऐसे प्रतिबंध लगाने का खाका तैयार कर चुका है जिसमें रूसी कंपनियों को अमेरिकी डालर के इस्तेमाल की पूरी तरह से मनाही होगी। इससे रूस का अंतरराष्ट्रीय व्यापार बर्बाद होने की आशंका पैदा हो जाएगी।

रूस चाहे तो खत्म हो सकता है टकराव

प्रेस कान्फ्रेंस में बाइडन ने खास बात कही कि पुतिन उनसे दो बातों पर आश्वासन चाहते हैं। पहली-यूक्रेन को नाटो में शामिल नहीं किया जाएगा। दूसरी-यूक्रेन की धरती पर परमाणु हथियार या रणनीतिक दृष्टि से अन्य संहारक मिसाइल तैनात नहीं की जाएंगी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, यूक्रेन के जल्द नाटो में शामिल होने की संभावना फिलहाल नहीं और पुतिन की दूसरी शर्त पर सहयोगी देशों से वार्ता की जा सकती है। इसलिए टकराव की स्थिति खत्म होने की काफी संभावना है। लेकिन यह रूस के सोच पर निर्भर है। 

Edited By: Krishna Bihari Singh