विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

खुद के बच्चे के अपहरण मामले में जेल में बंद महिला को राहत, न्यूयॉर्क कोर्ट का नए सिरे से विचार करने का आदेश

Published: Sun, 25 Oct 2026 03:16 PM (IST)

अपने बच्चे के अपहरण के आरोप में जेल में बंद एक महिला को चाइल्ड-सपोर्ट बकाया को चुनौती देने का अवसर ...और पढ़ें

(AI से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर)

(AI से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. बच्चे के अपहरण में महिला को 7 साल की जेल हुई।

  2. जेल में रहते हुए चाइल्ड-सपोर्ट बकाया को चुनौती दी।

  3. अपील कोर्ट ने नए सिरे से सुनवाई का आदेश दिया।

डिजिटल डेस्क, न्यूयार्क। अमेरिका के न्यूयॉर्क से एक दिलचस्प और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। अपने ही बच्चे का अपहरण करने के जुर्म में 7 साल की सजा काट रही एक महिला को अपनी चाइल्ड-सपोर्ट की बकाया रकम को चुनौती देने के लिए एक और मौका मिल गया है।

न्यूयॉर्क की एक अपील अदालत ने निचली अदालत के फैसले को खारिज करते हुए इस मामले में नए सिरे से सुनवाई करने का आदेश दिया है।

समझिए क्या है पूरा मामला?

बता दें कि चेल्सी फोर-रोसेनबौम नामक महिला और उसके पति अलेक्जेंडर फोर-रोसेनबौम का 2019 में एक बच्चा हुआ था। साल 2021 में विवाद तब बढ़ा जब चेल्सी अपनी मां के साथ मिलकर बच्चे को घर से ले गई और लगभग दो महीने तक पिता व पुलिस से उसकी लोकेशन छुपाकर रखी।

इसके बाद चेल्सी को गिरफ्तार कर लिया गया और बाद में कोर्ट ने उसे सेकंड-डिग्री किडनैपिंग और बच्चे को खतरे में डालने का दोषी मानते हुए 7 साल की जेल की सजा सुनाई।

चाइल्ड-सपोर्ट का आदेश

गिरफ्तारी के बाद पति अलेक्जेंडर ने तलाक और चाइल्ड-सपोर्ट के लिए अर्जी दी। 2022 में फैमिली कोर्ट ने चेल्सी की उस समय की इनकम के आधार पर उसे हर हफ्ते लगभग 47000 रुपये बच्चे के खर्च के तौर पर देने का आदेश दिया, जबकि तब तक वह जेल जा चुकी थी।

47000 की लिमिट क्यों चाहती है चेल्सी?

गौरतलब है कि साल 2023 में जेल से ही चेल्सी ने कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि जेल के अंदर उसकी इनकम न के बराबर है और वह इतना भारी-भरकम भुगतान नहीं कर सकती। उसने न्यूयॉर्क फैमिली कोर्ट एक्ट की धारा 413(1)(g) का हवाला दिया, जिसके तहत यदि किसी माता-पिता की आय संघीय गरीबी रेखा से नीचे या उसके बराबर है, तो जेल या कम आय के समय का बकाया चाइल्ड-सपोर्ट लगभग 47000 रुपये से ज्यादा नहीं बढ़ सकता।

अब अपील अदालत ने क्या कहा?

चेल्सी इस फैसले के खिलाफ न्यूयॉर्क की अपीलीय अदालत में गईं। अपील अदालत ने निचले कोर्ट की गलती पकड़ते हुए कहा कि कोर्ट ने गलत सवाल पर ध्यान केंद्रित किया। अदालत ने कहा कि यह मामला बकाया राशि को पूरी तरह रद्द करने का नहीं, बल्कि यह जांचने का है कि क्या जेल में रहते हुए चेल्सी की आय वास्तव में इतनी कम थी कि उस पर $500 की कानूनी सीमा लागू होनी चाहिए।

अदालत ने यह भी कहा कि भले ही भविष्य का भुगतान कम कर दिया गया हो, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि चेल्सी की आय गरीबी रेखा से नीचे कब-कब और कितने समय तक रही।