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होर्मुज पर ईरान की मजबूत पकड़, अमेरिकी एजेंसियों ने दी चेतावनी; ट्रंप पर बढ़ा दबाव

Published: Sat, 04 Apr 2026 11:46 PM (IST)

अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ ढीली नहीं करेगा। यह अमेरिका और सहयोगियों पर दबाव बनाने का उसका प्रमुख रणनीतिक तरीका है।

होर्मुज पर ईरान की मजबूत पकड़ अमेरिकी एजेंसियों ने दी चेतावनी (फाइल फोटो)

होर्मुज पर ईरान की मजबूत पकड़ अमेरिकी एजेंसियों ने दी चेतावनी (फाइल फोटो)

HighLights

  1. ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ नहीं छोड़ेगा।

  2. यह अमेरिका पर दबाव बनाने का प्रमुख रणनीतिक तरीका।

  3. सैन्य कार्रवाई महंगी और जटिल, ईरान का नया संकेत।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि निकट भविष्य में होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की पकड़ ढीली करने की कोई संभावना नहीं है। यह मार्ग अमेरिका और उसके सहयोगियों पर दबाव बनाने का उसका सबसे प्रभावी रणनीतिक तरीका बन गया है।

अमेरिकी अधिकारियों से जुड़े सूत्रों के अनुसार, हालिया आकलनों में कहा गया है कि विश्व के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग पर नियंत्रण बनाए रखकर तेहरान ऊर्जा कीमतों को ऊंचा रख सकता है और इसी दबाव के माध्यम से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को युद्ध समाप्ति की दिशा में शीघ्र निर्णय लेने के लिए मजबूर कर सकता है।

क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज

होर्मुज जलडमरूमध्य से विश्व के लगभग पांचवें हिस्से के तेल व्यापार का आवागमन होता है। ऐसे में इस मार्ग पर नियंत्रण ने ईरान की सामरिक स्थिति को और मजबूत कर दिया है। अमेरिकी प्रशासन ने पहले संकेत दिया था कि यदि आवश्यकता हुई तो अमेरिका सैन्य बल के माध्यम से इस मार्ग को दोबारा खोल सकता है।

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा था कि जल्दी ही अमेरिका होर्मुज को खुलवा सकता है और तेल आपूर्ति बहाल कर सकता है। हालांकि सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा सैन्य अभियान अत्यंत महंगा, लंबा और अनिश्चित परिणाम वाला हो सकता है।विशेषज्ञों के अनुसार जलडमरूमध्य की भौगोलिक संरचना सैन्य कार्रवाई को जटिल बनाती है।

ईरान और ओमान के बीच स्थित यह मार्ग सबसे संकरे हिस्से में केवल 33 किलोमीटर चौड़ा है, जबकि जहाजों के आवागमन के लिए दोनों दिशाओं में लगभग तीन-तीन किलोमीटर चौड़ी लेन ही उपलब्ध है। इससे किसी भी सैन्य कार्रवाई के दौरान जहाज और नौसैनिक बल ड्रोन, मिसाइल और तटीय हमलों के लिए अत्यंत संवेदनशील हो जाते हैं।

इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के ईरान परियोजना निदेशक अली वाएन ने कहा कि अमेरिका ने ईरान को जनसंहार के हथियार बनाने से रोकने के प्रयास में अनजाने में उसे “व्यापक व्यवधान का हथियार'' दे दिया है। उनके अनुसार ईरान अब समझ चुका है कि ऊर्जा बाजारों को प्रभावित करने की उसकी क्षमता किसी पारंपरिक सैन्य हथियार से अधिक प्रभावशाली है।

उठाए सवाल

उनका कहना है कि केवल एक-दो ड्रोन भी समुद्री यातायात बाधित करने के लिए पर्याप्त हैं।बाब अल मंदेब बंद करने के संकेत इसी बीच एएनआइ के अनुसार, ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गलीबाफ ने संकेत दिया है कि यदि दबाव बढ़ा तो ईरान बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य को भी रणनीतिक दबाव के दायरे में ला सकता है।

उन्होंने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर प्रश्न उठाया कि वैश्विक तेल, एलएनजी, गेहूं, चावल और उर्वरक आपूर्ति का कितना हिस्सा इस मार्ग से गुजरता है। इसे समुद्री नाकेबंदी के विस्तार की अप्रत्यक्ष चेतावनी माना जा रहा है।

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