न्यूयॉर्क, प्रेट्र। पेप्सिको की पूर्व चेयरपर्सन इंदिरा नूई ने कहा है कि भारत में संभावनाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन असल सवाल उसकी विकास दर की गति के साथ-साथ यह है कि वह कितनी बाधाओं को पार करने की इच्छा रखता है।

भारत के महावाणिज्य दूतावास में एक कार्यक्रम के दौरान नूई ने कहा, 'भारत में बहुत क्षमता है। योग्यता, जनसंख्या, हर मामले में देश के पास बड़ी संभावनाएं हैं। असल सवाल देश की विकास दर की गति का है। यह भी कि भारत कितनी बाधाओं से पार पाने की इच्छा रखता है।'

नूई का कहना था कि भारत को क्या करना चाहिए और क्या नहीं, वे इस पर कुछ नहीं कहना चाहतीं। उन्होंने कहा, 'भारत को वही करना है जो उसके लिए ठीक है। जैसे यूरोप को वही करना चाहिए जो उसे ठीक लगता है, उसी तरह भारत वही करेगा जो उसे ठीक लगेगा।'

दुनियाभर में भौगोलिक चुनौतियों को लेकर नूई ने कहा कि भौगोलिक चुनौतियां नई नहीं हैं। अलग-अलग समय में अलग-अलग तरह की भौगोलिक चुनौतियां रही हैं, लेकिन बड़ी कंपनियां इनसे सीख लेकर आगे निकल जाती हैं।

Posted By: Bhupendra Singh