क्लाइमेट चेंज और अर्थ साइंस में भारत की बड़ी उपलब्धि, सैन फ्रांसिस्को में सम्मानित होंगे दो भारतीय वैज्ञानिक
भारतीय विज्ञानी राक्सी मैथ्यू कोल और नीलिमा सत्यम को अमेरिकन जियोफिजिकल यूनियन (एजीयू) के प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए चुना गया है।

राक्सी मैथ्यू कोल और नीलिमा सत्यम को मिलेगा AGU पुरस्कार
HighLights
राक्सी मैथ्यू कोल को जलवायु संचार में एजीयू पुरस्कार मिलेगा।
नीलिमा सत्यम को पृथ्वी विज्ञान में उत्कृष्ट शोध हेतु मेडल।
दिसंबर में सैन फ्रांसिस्को में एजीयू की सालाना बैठक में सम्मान।
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। भारतीय विज्ञानी राक्सी मैथ्यू कोल और नीलिमा सत्यम को अमेरिकन जियोफिजिकल यूनियन (एजीयू) के पुरस्कारों के लिए चुना गया है। एजीयू ने 2026 के लिए 43 पुरस्कारों की घोषणा की है। ये पुरस्कार दिसंबर में सैन फ्रांसिस्को में एजीयू की सालाना बैठक में दिए जाएंगे।
राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार (युवा) से सम्मानित और पुणे स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेटियोरोलाजी के जलवायु वैज्ञानिक कोल को एजीयू के पावेल एस. मोल्चानोव क्लाइमेंट कम्युनिकेशन पुरस्कार मिलेगा। जलवायु विज्ञान क्षेत्र में जन जागरूकता बढ़ाने वाले विज्ञानियों को एजीयू द्वारा यह पुरस्कार दिया जाता है। इस पुरस्कार में 25 हजार अमेरिकी डालर और प्रशस्ति पत्र शामिल है।
हिंद महासागर के गर्म होने, मानसून में बदलाव, समुद्री हीटवेव, चक्रवात, अत्यधिक बारिश और दक्षिण एशिया में लोगों के जीवन पर पड़ने वाले असर को लेकर शोध के लिए कोल को यह सम्मान मिलेगा।
आईआईटी- इंदौर की प्रोफेसर नीलिमा सत्यम को पृथ्वी विज्ञान विशेषकर भू-तकनीकी इंजीनियरिंग, भूकंपीय खतरों को लेकर उत्कृष्ट शोध के लिए देवेंद्र लाल मेमोरियल मेडल से सम्मानित किया जाएगा। उन्हें मेडल और एजीयू की आजीवन सदस्यता मिलेगी।
इस बीच भारतवंशी विज्ञानी अब्दुल कादिर को साइंस फार साल्यूशंस पुरस्कार और फैसल हुसैन को एंबेसडर अवार्ड के लिए चुना गया है। कादिर मैरीलैंड यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट रिसर्च प्रोफेसर हैं। वह शिलांग में नार्थ ईस्ट स्पेस एप्लीकेशन सेंटर के साथ काम कर चुके है, वहीं बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हुसैन, सिएटल की यूनिवर्सिटी आफ वाशिंगटन में प्रोफेसर हैं।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
