वाशिंगटन, पीटीआइ। अमेरिका के कैलिफोर्निया में भारतीय-अमेरिकी दंपति पर मानव तस्करी और धोखाधड़ी के आरोप में दोषी पाया गया है। आरोपी दंपति का नाम सतीश करतान (43 वर्ष) और शर्मिष्ठा बराई (38 वर्ष) है। दंपति पर आरोप है कि उन्होंने विदेश में काम करने का लालच देकर लोगों को पहले विदेश बुलाया और फिर आरोपी दंपति उनका शारीरिक उत्पीड़न किया।

सहायक अटॉर्नी जनरल एरिक ड्रिबैंड ने कहा कि इस मामले में भारतीय-अमेरिकी दंपति को 20 साल जेल और 250,000 डॉलर के जुर्माने का अधिकतम की सजा हो सकती है। सजा के लिए 6 जून का दिन निर्धारित किया गया है। फरवरी 2014 और अक्टूबर 2016 के बीच मुकदमे में पेश किए गए अदालती दस्तावेजों और सबूतों के अनुसार, कार्टन और बरई ने विदेश (भारत और नेपाल) से आए लोगों को अपने घर में घरेलू काम के लिए रखा था।

ड्रिबैंड के अनुसार दंपति ने साल 2014 से लेकर 2016 तक आरोपी दंपति ने विदेश में काम करने के संबंध में कई इश्तेहार निकाले, जिसे इंटरनेट समेत भारत के कई अखबारों में भी प्रकाशित किया गया। दंपति ने इसमें दैनिक भत्तों आदि के संबंध में गलत जानकारियां दी। इसके बाद ज्यादा वेतन के लालच में कई लोगों ने दंपति से संपर्क किया। इसके बाद दंपति ने उन्हें झासा देकर अमेरिका बुला लिया। उनके यहां पहुंचने के बाद आरोपी दंपति इनसे  जबरन 18 घंटों से ज्यादा काम कराने लगे।

साथ ही उन्हें तय वेतन और अन्य भत्तों के मुताबिक भुगतान भी नहीं किया। अदालत में दायर आरोप पत्र के मुताबिक, एक पीड़िता ने आरोप लगाया कि एक बार उसके विरोध करने पर सतीश करतान ने उसका हाथ गैस पर रखकर जला दिया था। इसके बाद आरोपी दंपति ने पीड़िता के तनख्वाह मांगने पर पुलिस में उसकी शिकायत करने की धमकी भी दी थी। अदालत में दायर आरोप पत्र के मुताबिक, पीड़िता ने जब घर छोड़कर जाने की बात दंपति से कही तो उन्होंने पीड़िता को जबरन घर में कैद कर लिया।

Posted By: Tanisk

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