60 दिन तक भारत को बिना प्रतिबंध मिलता रहेगा रूसी तेल, ट्रंप ने टाला टैरिफ कानून
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर टैरिफ संबंधी कानून को 60 दिनों के लिए टाल दिया है, जिससे भारत को बड़ी राहत मिली है।

60 दिन तक भारत को बिना प्रतिबंध मिलता रहेगा रूसी तेल। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)
HighLights
ट्रंप ने रूसी तेल खरीद पर 60 दिन का टैरिफ टाला।
भारत को बिना अमेरिकी प्रतिबंध रूसी तेल खरीदने की छूट।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर का आकलन किया जाएगा।
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप द्वारा रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर शत प्रतिशत टैरिफ संबंधी कानून को टालने के बाद विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि भारत कम से कम अगले 60 दिनों तक रूस से तेल खरीद सकता है।
भारत के दौरे पर रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में रूबियो ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने दो महीने की अस्थायी छूट इसलिए दी है, ताकि प्रतिबंधों और टैरिफ के वैश्विक अर्थव्यवस्था, खासकर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर का आकलन किया जा सके। राष्ट्रपति को विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करने और उनके बीच संतुलन बनाने के लिए समय चाहिए।
20 अक्टूबर को भारत पहुंचेंगे रूबियो
रूबियो शनिवार को उज्बेकिस्तान और भारत के छह दिवसीय दौरे पर रवाना होने से पहले वाशिंगटन के निकट ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर पत्रकारों से बात कर रहे थे। वह 20 अक्टूबर को भारत पहुंचेंगे। उन्होंने भारत को अमेरिका का महत्वपूर्ण सहयोगी और साझीदार बताते हुए कहा कि किसी भी टैरिफ या प्रतिबंध को लागू करने से पहले उसकी ऊर्जा जरूरतों पर विचार करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि भारत जैसे देशों के लिए एक दिन में एक ऊर्जा स्रोत से दूसरे पर निर्भर होना संभव नहीं है। इसलिए इन परिस्थितियों का समग्र आकलन करना जरूरी है।
भारत को ट्रंप के फैसले से राहत
भारत को इस फैसले से राहत मिली है, क्योंकि वह रूस से रोज 18 से 19 लाख बैरल तेल आयात करता है। जुलाई में भारतीय तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत थी, जो अगस्त में घटकर 44 प्रतिशत रह गई।
रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने से संबंधित ग्राहम अधिनियम के तहत दी गई छूट पर पूछे गए सवाल के जवाब में रूबियो ने कहा कि ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर बढ़ते दबाव, सऊदी अरब में हूतियों के हमलों और रूस-यूक्रेन युद्ध का उल्लेख किया।
शुक्रवार को ट्रंप ने ग्राहम अधिनियम के अहम प्रविधानों पर अस्थायी छूट दी थी। ट्रंप ने अपने फैसले को अमेरिका के हित में बताया था। ट्रंप के इस फैसले की रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक, दोनों दलों के नेताओं ने आलोचना की है। पिछले महीने दोनों दलों के सांसदों ने लिंडसे ग्राहम के नाम से जुड़े रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने संबंधी विधेयक को भारी बहुमत से पारित किया था।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
