संयुक्त राष्ट्र के मंच से पाकिस्तान के दुष्प्रचार पर प्रहार, IBSA बैठक में पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा
भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान और तुर्किये के दुष्प्रचार का कड़ा जवाब देते हुए पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की।

UN में पाकिस्तान को भारत का कड़ा जवाब (फोटो-ANI)
HighLights
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के दुष्प्रचार का कड़ा जवाब दिया।
पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई, आतंकवाद से लड़ने का संकल्प।
भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका ने UNSC सुधारों की जोरदार वकालत की।
डिजिटल डेस्क, एएनआई। जम्मू-कश्मीर को लेकर पाकिस्तान और तुर्किये के दुष्प्रचार का कड़ा जवाब देते हुए भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र कर पाकिस्तान की आतंकवाद को प्रश्रय देने की नीति पर करारा प्रहार किया।
भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्रियों की उच्चस्तरीय बैठक में पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की गई। साथ मिलकर आतंकवाद से लड़ने का एलान किया गया। विदित हो कि 22 अप्रैल, 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने धार्मिक आधार पर 26 पर्यटकों की हत्या की थी।
बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के समकक्षों के साथ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की जोरदार शब्दों में वकालत की। कहा, विश्व के कई भागों में हो रहे युद्ध का ग्लोबल साउथ के देशों पर सीधा असर हो रहा है जबकि उनका कोई दोष नहीं है। इन विकासशील देशों में ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।
संयुक्त बयान में बहुध्रुवीय व्यवस्था, वैश्विक सुरक्षा, आर्थिक प्रशासन, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस, पर्यावरण सुरक्षा और सतत विकास की आवश्यकता जताते हुए उसके लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया गया। बैठक में दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला और ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा ने भाग लिया।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के अधिवेशन में भाग लेने आए तीनों देशों के विदेश मंत्रियों ने बैठक कर मजबूत बहुध्रुवीय व्यवस्था बनाने के लिए सुरक्षा परिषद में सुधार को जरूरी बताया। कहा, इसी के जरिये विश्व के सभी हिस्सों का विकास और उनके साथ न्याय हो पाएगा। संयुक्त बयान में कहा गया कि सुरक्षा परिषद में सुधार करके ही उसे ज्यादा लोकतांत्रिक, उचित प्रतिनिधित्व वाला और वास्तविकताओं के करीब लाया जा सकेगा।
तीनों देशों के विदेश मंत्रियों ने विश्व के विभिन्न हिस्सों में हो रहे युद्धों के दुष्प्रभावों पर गंभीर चिंता जताई। कहा, इन युद्धों को अविलंब खत्म किया जाना चाहिए और बातचीत के जरिये समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
(न्यूज एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)
