विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

भारत को अमेरिका में खास दवाओं पर 100% टैरिफ से मिली राहत, मिलेगा जीरो ड्यूटी का लाभ

Published: Mon, 28 Sep 2026 11:53 PM (IST)

भारत को अमेरिका में कुछ खास दवाओं और उनके कच्चे माल पर लगने वाले 100% टैरिफ से बड़ी राहत मिली है, जिससे अब इन पर जीरो ड्यूटी का लाभ मिलेगा।

भारत को अमेरिका में खास दवाओं पर 100% टैरिफ से मिली राहत।

भारत को अमेरिका में खास दवाओं पर 100% टैरिफ से मिली राहत।

HighLights

  1. भारत को अमेरिका में खास दवाओं पर जीरो टैरिफ सुविधा।

  2. पेटेंट दवाओं और कच्चे माल पर 100% टैरिफ से छूट।

  3. जेनेरिक दवाएं पहले से ही टैरिफ के दायरे से बाहर।

डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। भारत से अमेरिका सप्लाई होने वाली कुछ खास दवाओं को टैरिफ से बड़ी राहत मिली है। भारत को उन देशों की सूची में शामिल किया गया है, जिन्हें कुछ खास दवाओं और दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर अमेरिका में जीरो टैरिफ की सुविधा मिलेगी। भारत, अमेरिका को दवा सप्लाई करने वाले प्रमुख देशों में शामिल है।

अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने यह सूची ऐसे समय जारी की है, जब वाशिंगटन 29 सितंबर से कुछ पेटेंट दवाओं और इन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है। हालांकि यह छूट भारत से अमेरिका भेजी जाने वाली हर दवा पर लागू नहीं होगी।

छूट वाली सूची में भारत के अलावा अर्जेंटीना, बांग्लादेश, कंबोडिया, इक्वाडोर, अल सल्वाडोर, यूरोपीय यूनियन, ग्वाटेमाला, इंडोनेशिया, जापान, जार्डन, मलेशिया, उत्तरी मैसेडोनिया, दक्षिण कोरिया, स्विट्जरलैंड, ताइवान, थाईलैंड, ब्रिटेन और वियतनाम को रखा गया है।

वाणिज्य विभाग के नोटिस में कहा गया है कि इन देशों और क्षेत्रों से आने वाले तय शर्तों वाले फार्मा उत्पादों पर जीरो प्रतिशत टैरिफ लगाया जा सकता है, क्योंकि अमेरिका के साथ उनके मौजूदा या आने वाले व्यापार और सुरक्षा से जुड़े फ्रेमवर्क समझौते हैं।

राष्ट्रपति की घोषणा के तहत कुछ खास पेटेंट वाली दवाओं और सामग्री पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया है। एक सूची में शामिल कंपनियों के लिए यह नियम 31 जुलाई से लागू हो गया था, जबकि इसके दायरे में आने वाली अन्य कंपनियों के लिए यह 29 सितंबर से लागू होगा।

इन खास दवाओं को मिलेगी राहत

यह लाभ केवल उन खास दवाओं और सामग्री को मिलेगा, जिन्हें गत अप्रैल में राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की घोषणा में शामिल किया गया था। सूची में आरफन ड्रग्स (दुर्लभ बीमारियों की दवाएं), न्यूक्लियर दवाएं, प्लाज्मा-बेस्ड थेरेपी, फर्टिलिटी दवाएं, सेल थेरेपी, जीन थेरेपी और एंटीबाडी-ड्रग कांजुगेट्स शामिल हैं।

इसमें केमिकल, जैविक, रेडियोलाजिकल और परमाणु खतरों से निपटने के लिए इस्तेमाल होने वाले कुछ मेडिकल प्रोडक्ट के साथ जानवरों के इलाज से जुड़े कुछ उत्पाद भी शामिल हैं।

भारत के लिए महत्वपूर्ण है कदम

वाणिज्य विभाग के अनुसार, जेनेरिक दवाओं और इन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री पर धारा 232 के तहत यह फार्मा टैरिफ लागू नहीं होगा। यह अंतर भारत के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि अमेरिका को भारत के फार्मा निर्यात का एक बड़ा हिस्सा जेनेरिक दवाओं का है।

हालांकि भारतीय कंपनियां पेटेंट दवाएं, एक्टिव इंग्रीडिएंट्स और कई खास थेरेपी भी बनाती हैं। भारत दुनिया में जेनेरिक दवाओं के सबसे बड़े निर्माताओं में से एक है और अमेरिकी हेल्थकेयर सिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता है।

(समाचार एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)